खेती और सिंचाई की समस्याओं को हल करने के लिए राज्य सरकर तैयार

 12 Dec 2017  467

शीतकालीन सत्र की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री का आश्वासन
 

 छत्रपति शिवाजी महाराज शेतकरी सम्मान योजना के अंतर्गत 41 लाख किषानों की कर्जमाफी के लिए 19 हजार करोड़  रुपये बैंकों
में जमा

 क्षतिग्रस्त कपास उत्पादकों को भरपाई

 क्षतिग्रस्त धान उत्पादक किसानों  को भरपाई

 

नागपुर, दि.10/12/2017 : विदर्भ , मराठवाडा तथा राज्य के अन्य भागों के किसानों की समस्याओं,  सिंचाई समस्याओं को हल करने के लिए राज्य सरकार तैयार है । छत्रपति शिवाजी महाराज शेतकरी सम्मान योजना के अंतर्गत  अब तक 41 लाख किसानों की कर्जमाफी के लिए 19 हजार करोड रुपये बैंकों में जमा कर दिये गये हैं । अंतिम किसान को कर्जमाफी का लाभ मिलने तक यह योजना लागू रहेगी । मुख्यमंत्री  ने कहा कि क्षतिग्रस्त धान उत्पादक किसानों  को नुकसान  की भरपाई की जाएगी 

शीतकालीन  अधिवेशन की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री  के रामगिरि षरकारी निवास पर आयोजित पत्रकार सम्मेलन में मुख्यमंत्री बोल रहे थे । इस अवसर पर मंत्रिमंडल के सदस्य उपस्थित थे, मुख्यमंत्री ने कहा की धान , ज्वार , उड़द ,सोयाबीन  , कपास  आदि की अच्छी पैदावार और केंद्र सरकार द्वारा आयात निर्यात की नीति में बदलाव के चलते कृषि उपज के भावों में सुधार हुआ है

कपास उत्पादकों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए तीन उपाय किये जाएंगे  । धान उत्पादन में हुए नुकसान की भरपाई भी की जाएगी । कुछ सिस्सों में कपास पर कीड़े  लग गये थे । इसका सर्वेक्षण कर के बीमा और एन डी आर एफ के माध्यम  से मदद करने का निर्णय सरकर ने किया है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे केद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हैं कि सरकार ने सोयाबीन तेल पर आयात शुल्क  में 17.5 फीसदी की वृद्धि  की है । साथ सी अन्य उत्पादन के आयात निर्यात नर नयी नीति की घोषणा की है जिससे किसानों को फायदा होगा ।  

विदर्भ, मराठवाडा, उत्तर महाराष्ट्र के भागों में सिंचाई परियोजनाओं के लिए केंद्र   सरकार की ओर से आगामी दो वर्षों भें निधि उपलब्ध  करवाई जाएगी जिससे सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया जा सकेगा और इसषे  सिंचाई की सुविधा  उपलब्ध  होगी । 108 प्रकल्पों को पूरा किया जा सकेगा । इसी के साथ प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई परियोजनाओं के लिए निधि मिली है । सभी योजनाओं  को पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है । 

मुख्यमंत्री ने बताया कि कल से शुरू सोने वाले अधिवेशन में कुल मिलाकर 19 विधेयक पारित किये जाएंगे  जिनमें किसानों की समस्याओं  , सिंचाई  तथा एस आर ए के अंतर्गत मकानों के निर्माण से संबंधित विधेयक शामिल हैं ।