रशियन प्लेन क्रैश: US इंटेलिजेंस का दावा- ISIS ने जहाज के अंदर रखा था बम

 10 Nov 2015  1681
लंदन/वॉशिंगटन. पिछले शनिवार को जो रशियन प्लेन क्रैश हुआ था, उसके पीछे आतंकी साजिश नजर आने लगी है। अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन ने अमेरिकी इंटेलिजेंस अफसरों के हवाले से बताया है कि प्लैन क्रैश होने की वजह बम ब्लास्ट ही है। अफसरों ने बम प्लान्ट करने के पीछे आईएसआईएस या उससे जुड़े किसी संगठन का हाथ होने का शक भी जताया है। इस बीच, ब्रिटेन सरकार ने शर्म-अल-शेख जाने वाली अपनी सभी फ्लाइट्स को अगले ऑर्डर तक कैंसल कर दिया है। इजिप्ट ने ब्रिटेन के इस कदम को गलत बताते हुए कहा है कि यह जल्दबाजी में की गई कार्रवाई है। बता दें कि सिनाई में हुए इस क्रैश में 224 लोगों की मौत हो गई थी।
 
ब्रिटेन के फॉरेन मिनिस्टर का भी इशारा धमाके की ही तरफ
- ब्रिटिश फॉरेन मिनिस्टर फिलिप हेमंड ने बुधवार को कहा कि कुछ खास जानकारी मिली है, जिसके आधार पर कहा जा सकता है कि रशियन प्लेन किसी विस्फोट का शिकार हुआ था।
 
- खास बात यह भी है कि हेमंड पहले ऐसे बड़े नेता हैं, जिन्होंने घटना के पीछे आतंकी साजिश की ओर इशारा किया है।
 
- अमेरिकी अफसर भी अब मान रहे हैं कि प्लेन में बम रखा गया होगा और इसके पीछे आतंकी संगठन आईएसआईएस या उससे जुड़े किसी संगठन का हाथ हो सकता है।
 
- अमेरिकी सांसद एडम हिफ ने कहा, “मुझे भी जानकारी दी गई है कि प्लेन बम की वजह से क्रैश हुआ, लेकिन अब भी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी ही होगी। हो सकता है, विमान में कोई टेक्निकल फॉल्ट आया हो, खासकर उसके पिछले हिस्से में। जांच चल रही है और तब तक किसी नतीजे को मान लेना सही नहीं होगा।” हालांकि, व्हाइट हाउस ने कहा है कि जांच को लेकर पहले से किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा।
 
 
क्यों है बम ब्लास्ट का शक
- इंटेलिजेंस अफसरों का कहना है कि शर्म-अल-शेख एयरपोर्ट पर कभी भी सिक्युरिटी अरेंजमेंट्स इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के नहीं रहे। जबकि यहां दुनियाभर से टूरिस्ट्स आते हैं।

- क्रैश हुए प्लेन के मलबे को शुरुआती तौर पर देखने से जलने और बॉडी के टुकड़ों में बिखरने की बात पता लगती है। टेक्निकल प्रॉब्लम की वजह से क्रैश हुए एयरक्राफ्ट्स आम तौर पर अंदर की तरफ से जलते और टुकड़ों में इस तरह नहीं बिखरते।

- क्रैश में मारे गए लोगों की बॉडी से भी इस बात का शक गहरा जाता है कि प्लेन में धमाका हुआ था। खुद रूसी मीडिया यह बात मान रहा रहा है।

- बम धमाके की थ्योरी को लेकर सबसे अहम खुलासा ‘अल जजीरा’ टीवी चैनल ने किया है। चैनल ने सूत्रों के हवाले से कहा कि है कि प्लेन के वॉयर डाटा रिकॉर्डर में क्रैश के पहले कुछ आवाजें सुनाई देती हैं। ये आवाजें इस बात की ओर इशारा करती हैं कि प्लेन में धमाका हुआ था।
 
इजिप्ट के सिक्युरिटी अरेंजमेंट्स से खुश नहीं है ब्रिटेन
ब्रिटिश सरकार इजिप्ट के सिक्युरिटी अरेंजमेंट्स से खुश नहीं है। इसलिए उसने फिलहाल शर्म-अल-शेख जाने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दी हैं। ब्रिटिश सरकार ने यह फैसला ताजा इंटेलिजेंस रिपोर्ट मिलने के बाद किया है। लेकिन दिक्कत की बात यह है कि करीब 20 हजार ब्रिटिश टूरिस्ट इस समय शर्म-अल-शेख में हैं। इन्हें निकालना बड़ी चुनौती है।
 
इजिप्ट और रूस के संपर्क में हैं अमेरिकी अफसर
व्हाइट हाउस के स्पोक्सपर्सन जोश अर्नेस्ट ने कहा, “अमेरिकी अफसर इजिप्ट और रशियन अफसरों के संपर्क में हैं। हमने उन्हें मदद का भरोसा दिलाया है। हमारी बहुत कम फ्लाइट्स शर्म-अल-शेख जाती हैं। हमारी एविएशन अथॉरिटीज ने पहले ही पायलटों को कहा है कि वे उस इलाके में 26 हजार फीट से कम ऊंचाई पर उड़ान न भरें।” 

ब्रिटिश सरकार से नाखुश इजिप्ट
ब्रिटेन सरकार द्वारा शर्म-अल-शेख की फ्लाइट्स कैंसल करने के फैसले से इजिप्ट नाखुश है। इजिप्ट के फॉरेन मिनिस्टर ने इसे जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताया है। उन्होंने कहा, “हमारे यहां चार से पांच सिक्युरिटी चेक हैं। इनमें एक्स-रे भी शामिल है। ब्रिटेन एक और चेक भी करता है। ऐसे में, यह मुश्किल है कि कोई पैसेंजर प्लेन में बम प्लान्ट कर दे। ब्लैक बॉक्स की जांच की जा रही है और इसके पहले किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा।”
 
कब और कहां हुआ था प्लेन क्रैश?
रशियन एयरलाइन कोलेविया के एयरबस ए-321 की फ्लाइट नंबर 7K9268 ने मिस्र के शर्म-अल-शेख से पिछले शनिवार सुबह 6.51 मिनट (मॉस्को के समय के मुताबिक) पर सेंट पीटर्सबर्ग के लिए उड़ान भरी थी। इसके करीब 23 मिनट बाद ही एयर कंट्रोल का प्लेन से संपर्क टूट गया। उस वक्त प्लेन 31 हजार फीट की ऊंचाई पर था। इसके बाद प्लेन क्रैश हो गया। उसका मलबा सिनाई पेनिनसुला के साउथ अरीश के पास मिला। प्लेन में सवार क्रू मेंबर्स समेत सभी 224 लोग मारे गए। इनमें 10 महीने के बच्चे से लेकर 77 साल तक के लोग शामिल थे।