नई दिल्ली. इन्टॉलरेंस (असहिष्णुता) को लेकर देश में छिड़ी तीखी बहस के बीच अब बाबा रामदेव ने भी एक्टर शाहरुख खान के बारे में बयान दिया है। बुधवार को रांची पहुंचे रामदेव ने कहा- ‘अगर शाहरुख सच्चे देशभक्त हैं तो उन्हें पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद की अपनी सारी कमाई दान कर देनी चाहिए।’ उधर, रामदेव से पहले योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘शाहरुख और आतंकी हाफिज सईद की भाषा में कोई फर्क नहीं है।’ साध्वी प्राची और बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने भी शाहरुख के खिलाफ बयान दिए थे। लेकिन शिवसेना ने उनका बचाव किया। पार्टी ने कहा- शाहरुख को सिर्फ इसलिए टारगेट न करें क्योंकि वे मुस्लिम हैं।
रामदेव ने शाहरुख पर क्या बयान दिया?
रामदेव ने कहा- ‘अगर शाहरुख सच्चे देशभक्त हैं तो उन्हें पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद की अपनी सारी कमाई दान कर देनी चाहिए या फिर पीएम राहत कोष में डाल देनी चाहिए। नहीं तो हम समझेंगे कि जिसकी चाकरी करके उन्होंने अवॉर्ड पाया, उसे ही खुश करने के लिए शाहरुख खान असहिष्णुता की बात कर रहे हैं।’ बता दें कि शाहरुख को 2005 में पद्मश्री मिला था। तब देश में यूपीए की सरकार थी।
शिवसेना ने कैसे किया शाहरुख का बचाव?
शिवसेना सांसद संजय राउत ने बुधवार को कहा- देश टॉलरेंट है। मुस्लिम भी टॉलरेंट हैं। शाहरुख खान को सिर्फ इसलिए टारगेट नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वे मुस्लिम हैं। शाहरुख इसलिए सुपरस्टार हैं क्योंकि उन्होंने कभी धर्म का इस्तेमाल नहीं किया। शाहरुख को बहस में नहीं घसीटा जाना चाहिए। जिन लोगों ने अवॉर्ड लौटाए हैं, उनमें मुस्लिमों की संख्या नहीं के बराबर है। विजयवर्गीय को इस मुद्दे में पाकिस्तान का विषय नहीं उठाना था।
शाहरुख को लेकर छिड़ी बहस में इससे पहले क्या हुआ?
1. क्या कहा था शाहरुख ने?
सोमवार को अपने 50वें बर्थडे पर बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान ने देश के माहौल को लेकर चिंता जताई थी। शाहरुख ने कहा था, ''देश में इन्टॉलरेंस बढ़ रहा है। ऐसे में, अगर मुझे कहा जाता है तो एक सिम्बॉलिक जेस्चर के तौर पर मैं भी अवॉर्ड लौटा सकता हूं।'' शाहरुख ने कहा, ''भारत में कोई देशभक्त सेक्युलरिज्म के खिलाफ जाकर सबसे बड़ी गलती करता है। हम कितना भी विचारों की आजादी की बात कर लें, लेकिन कुछ कहने पर लोग मेरे घर के बाहर आकर पत्थर फेंकने लग जाते हैं। लेकिन हां, अगर कभी किसी मुद्दे पर स्टैंड लेना होगा, तो मैं उस पर डटा रहूंगा।''
2. विजयवर्गीय ने कहा था- शाहरुख भारत में रहते हैं, उनका मन पाकिस्तान में है
बीजेपी महासचिव और एमपी के पूर्व मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार शाम ट्वीट किया- "शाहरुख खान रहते भारत में हैं, पर उनका मन सदा पाकिस्तान में रहता है। उनकी फिल्में यहां करोड़ों कमाती हैं, पर उन्हें भारत असहिष्णु नजर आता है। यह देशद्रोह नहीं तो क्या है? भारत में असहिष्णुता का माहौल बनाना षड्यंत्र का हिस्सा है। शाहरुख का असहिष्णुता का राग पाक व भारत विरोधी ताकतों के सुर में सुर मिलाने जैसा है। जब 1993 में मुंबई में सैकड़ों लोग मारे गए, तब शाहरुख खान कहां थे? जब मुंबई पर 26/11 को हमला हुआ, तब शाहरुख कहां थे?
3. साध्वी प्राची ने भी साधा था शाहरुख पर निशाना
विश्व हिंदू परिषद् नेता साध्वी प्राची ने कहा- शाहरुख खान पाकिस्तानी एजेंट है। उसे पाकिस्तान ही चले जाना चाहिए। अवॉर्ड लौटाने की बात कहकर उसने राष्ट्रद्रोह किया है। इसकी सजा मिलनी चाहिए। सिर्फ शाहरुख खान ही नहीं, बल्कि अवॉर्ड लौटाने वाले सभी लोगों पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज हो। जब कश्मीर में लाखों लोग मारे-काटे जा रहे थे, अपनी जमीन से भगाए जा रहे थे, तब क्या माहौल खराब नहीं था? जब ट्रेन में हिंदुओं को जला दिया गया था, कारसेवकों पर गोलियां चलाईं गई थीं, तब क्या माहौल सही था? जब उत्तराखंड में बहू-बेटियों का खेतों में रेप किया जा रहा था, तब क्या माहौल सही था?
4. हाफिज सईद भी बहस में कूदा था
मुंबई हमलों के गुनहगार सईद ने ट्वीट किया, ''स्पोर्ट्स, आर्ट्स और कल्चर के क्षेत्र में काम कर रहे मशहूर भारतीय मुस्लिम भी भारत में अपनी पहचान को लेकर लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। कोई भी मुस्लिम, यहां तक कि शाहरुख खान, जो भारत में मुश्किलों और भेदभाव का सामना कर रहे हैं, वे इस्लाम की वजह से पाकिस्तान आकर रह सकते हैं।''
5. विवाद बढ़ा तो विजयवर्गीय ने क्या सफाई दी?
विजयवर्गीय ने बुधवार को ट्वीट किया- अगर भारत में असहिष्णुता होती तो अमिताभ के बाद सर्वाधिक लोकप्रिय अभिनेता शाहरुख़ न होते, मेरे ट्वीट को कुछ लोगो ने अलग अर्थो में लिया है। मेरा उद्देश्य किसी को भी ठेस पहुँचाना कतई नहीं था। मैं अपना कल का ट्वीट वापिस लेता हूं।
6. योगी आदित्यनाथ ने कहा- शाहरुख और सईद की भाषा में फर्क नहीं
गोरखपुर से बीजेपी सांसद आदित्यनाथ ने कहा कि शाहरुख और आतंकी हाफिज सईद की भाषा में कोई फर्क नहीं है। आदित्यनाथ ने कहा, ''इस देश का बहुसंख्यक समाज अगर उनका बहिष्कार कर देगा तो उन्हें भी आम मुसलमान की तरह भटकना होगा। मुद्दों पर तथ्यों के साथ बहस होनी चाहिए। दुनिया के सबसे सहिष्णु हिंदू समाज को बदनाम करने की कोई साजिश हो रही है तो उसकी सामूहिक निंदा होनी चाहिए।''
7. किंग खान के बचाव में लालू और केजरीवाल
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल भी शाहरुख के सपोर्ट में आ गए हैं। लालू ने यहां इस पूरे मुद्दे के लिए पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा, वहीं केजरीवाल ने कहा, ''शाहरुख, हमें अाप पर गर्व है।' वहीं केजरीवाल ने ट्वीट किया था- We r all proud of you.@iamsrk Hope your words help to make a tolerant, inclusive and progressive India.