मेट्रो हलचल टीम
मुंबई, (7 अप्रैल 2019)- साल 2019 के लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। इसके तहत दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट पर कांग्रेस, शिवसेना और अखंड हिंद पार्टी के उम्मीदवार उत्तम आर.जैन के बीच चुनावी मैदान में जोरदार मुकाबला होगा। इसी कड़ी में हमने उत्तम जैन से दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट पर हो रही हलचलों के बारे में बात किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में अब तक जो भी उम्मीदवार सांसद के तौर पर जीतकर आया वह कभी- भी जनता के बीच नहीं गया। इस क्षेत्र में जनता के लिए कोई भी मूलभूत सुविधाएं नहीं है। फंड का इस्तेमाल नहीं होता है। पानी की समस्या, ट्रैफिक की समस्या, संकरे रोड, पुरानी इमारतों की समस्या है, आए दिन यहां पुराने इमारत गिरते रहते है। यहां के व्यापारियों की समस्या को सुनने और उनकी परेशानियों का निदान करने वाला कोई नहीं है। इस क्षेत्र में हिंदुस्तान की हर चीजों का होलसेल मार्केट है। इसलिए यहां सबसे ज्यादा सुविधाएं होनी चाहिए। लेकिन यहां का सांसद चुनाव जीत जाने के बाद गायब हो जाता हैं, और पांच साल के बाद ही दिखता हैं। मौजूदा सांसद अरविंद सावंत कभी जनता के बीच में नहीं गए, और मिलिंद देवड़ा तो बड़े घराने से तालुक रखते हैं, इस कारण वो किसी को भी खुद से मिलने के काबिल नहीं समझते है। मुझे जनता के बीच रहकर उनके विकास का काम करना हैं। मैं आम जनता के बीच का व्यक्ति हूं, आए दिन उनकी समस्याओं का निदान करता रहता हूं। मैं जीतकर आने के बाद सरकार से एक रूपया भी वेतन नहीं लूंगा। अपने वेतन का पैसा आदिवासियों के विकास करने पर खर्च करूंगा। साथ ही सरकार से भविष्य में एक रूपये का भी पेंशन नहीं लूंगा। चुनाव जीतने के बाद सबसे पहले पुरानी इमारतों का रिडिविलपमेंट कराऊंगा। व्यापारियों की समस्या दूर करूंगा। सड़क की समस्या को दूर करने पर काम करूंगा। रास्तों का चौड़ीकरण कराऊंगा। आम जनता से सीधे-सीधे मिलूंगा। इसलिए मैंने तय किया है, कि मैं कोई पीए(पर्सनल असिसटेंट) नहीं रखूंगा। गौरतलब है कि उत्तम आर.जैन सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय जैन अखंड हिंद पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और इज्जतदार कारोबारी हैं। फिलहाल इस चुनाव में शिवसेना के मौजूदा सांसद अरविंद सावंत, कांग्रेस के उम्मीदवार मिलिंद देवरा को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में हैं। उत्तम जैन सभी धर्म के लोगों के साथ-साथ जैन समाज के लोगों के बीच एक लोकप्रिय चेहरा है। कई सालों तक इन्होंने एनसीपी सेवादल के दक्षिण मुंबई के जिलाध्यक्ष पद पर विराजमान रहते हुए काफी सराहनीय कार्य किया। अपने अच्छे कार्यों के दम पर उत्तम जैन को आला नेताओं का समर्थन प्राप्त हैं। साथ ही जमीन से जुड़े होने के कारण लोगों के बीच प्रसिद्ध हैं। सामाजिक संस्था नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्याणकारी मंडल ट्रस्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग के दक्षिण मुंबई के जिला कार्याध्यक्ष समेत मारवाड़ी जैन समाज की अनेकों सामाजिक धार्मिक संस्थाओं में सक्रिय रूप से जुड़कर अपने सराहनीय कार्यों की रोशनी फैला रहे हैं। उत्तम जैन के समर्थन में कालबादेवी, भुलेस्वर, जावेरी बाजार, मस्जिद बंदर, शिवड़ी, भायखला, कुलाबा, मलबार हिल, मुंबादेवी और वर्ली के मतदाताओं ने खुशी जाहिर किया हैं। इस कारण दक्षिण मुंबई लोकसभा का चुनाव काफी दिलचस्प होगा। दक्षिण मुंबई में 2019 के चुनाव में उलटफेर का समीकरण बन रहा है। मतदाताओं के बीच जाने के बाद लोगों के अंदर बदलाव की भावना जागृति हो रही है। यहां के लोगों का कहना है कि बड़ी राजनीतिक पार्टियों में कांग्रेस, बीजेपी और शिवसेना के लोग सांसद बनकर इस क्षेत्र का सही तरीके से विकास करने में नाकामयाब रहे हैं। वैसे दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट के नतीजे कई बार चौंकाने वाले रहे है, 1967 के चुनाव में युवा जार्ज फर्नाडीज ने मुंबई के बेताज बादशाह माने जाने वाले कांग्रेस के धुरंधर नेता सदाशिव कानोजी पाटील को भारी मतों से हरा दिया था। वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के कारण शिवसेना के अरविंद सावंत ने कांग्रेस के मिलिंद देवड़ा को भारी मतों से हराया था। दक्षिण मुंबई लोकसभा क्षेत्र में 6 विधानसभा क्षेत्र है, जिसमें कुलाबा, मुंबादेवी, मलबार हिल, भायखला, शिवड़ी शामिल है, जिसमें कुलाबा और मलबार हिल बीजेपी के पास है, वरली एंव शिवड़ी सीट शिवसेना के पाले में है।, जबकि मुंबादेवी कांग्रेस के पास और भायखला एमआईएम ने जीता है। वैसे दक्षिण मुंबई के चुनावी माहौल को देखते हुए कयास लगाया जा रहा है कि 1967 अपना इतिहास एक बार फिर से दोहरा सकता है, क्योंकि इस क्षेत्र से जमीनी तौर पर जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता उत्तम आर.जैन लोगों की आवाज बनकर तेजी से उभर रहे हैं। दिन प्रतिदिन उनकी लोकप्रियता में गजब की बढ़ोतरी हो रही हैं। हालांकि खुद जैन का मानना है कि वह इस लोकसभा चुनाव को जीतकर सासंद के तौर पर जनता की आवाज बनेंगे, और उनकी समस्याओं को दूर करेंगे। समाज के बीच में उतरकर विकास का कार्य करने की उन्होंने कहीं। हालांकि इस क्षेत्र का चुनावी मुकाबला बेहद रोचक होगा,क्योंकि दक्षिण मुंबई लोकसभा चुनाव क्षेत्र उद्योगपतियों की नजर से बहुत खास है। यहीं से देश की अर्थ व्यवस्था का मीटर चलता है। इसलिए यहां से ऐसे सांसद की जरूरत पड़ती है, जो कारोबारियों और व्यापार के मसले संसद में उठा सके। यह ऐसा मतदान क्षेत्र है, जहां रोजाना करीब दो करोड़ लोग नौकरी-धंधा करने के लिए रोज आते हैं। ट्रैफिक जाम से बेहाल इसस क्षेत्र में मेट्रो का काम रहा है। कोस्टल रोड और ट्रांस-हार्बर जैसी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। छत्रपति शिवाजी स्मारक बनाने के बाद इस क्षेत्र को नई पहचान मिल सकेगी। पुरानी इमारतों का पुर्नविकास, सीआरजेड से राहत, बीपीटी का डिवेलपमेंट, मझगांव मछलीमार केंद्र का विकास जैसे अन्य मुद्दे हैं। पर्यटन को बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। इसके साथ ही मुंबई का यह एकलौता लोकसभा क्षेत्र है, जहां मतदाता बढ़े है, मुंबई की छह में से पांच लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या तेजी से घटी से है, जबकि दक्षिण मुंबई एकमात्र लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं जहां मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। सन 2014 की तुलना में 31 जनवरी 2019 तक 46,090 मतदाता बढ़े हैं। पिछले लोकसभा में 14 लाख 85 हजार 356 मतदाता थे और इस साल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 15 लाख 31 हजार 446 हो चला है।