बिसात- दानवे के आतंकवादी जवान

 07 Apr 2019  621

अजय भट्टाचार्य

करेंट अफेयर्स, (07 अप्रैल 2019)-बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रावसाहेब दानवे का एक विवादित बयान हवा में तैर रहा है। रावसाहेब दानवे जालना लोकसभा क्षेत्र के रामनगर में प्रचार कार्यालय के उद्घाटन के बाद प्रतिभागियों को संबोधित करते बोले कि देश में 42 आतंकवादी मारे गए थे। रावसाहेब दानवे ने एक बार फिर जवानों को आतंकवादी कहा है। एक सवाल यह है कि रावसाहेब आतंकवादियों और जवानों के अंतर  को क्यों नहीं समझते हैं। इससे पहले भी जब वह पुलवामा हमले पर बोल रहे थे, तो उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने देश में 40 आतंकवादियों को मार गिराया। इस विवादास्पद बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और अंतरजाल जमात ने दानवे की क्लास लगा दी। विपक्षी दलों ने इस पर तंज कसते हुए कहा है कि यह भाजपा की देशभक्ति है? यह सवाल पूछा गया था। बताना ठीक रहेगा कि इससे पहले महायुती की  विजय संकल्प रैली  सोलापुर में हुयी थी। इस सभा में अध्यक्ष महोदय ने कहा कि आज देश में भयावह युद्ध की स्थिति है। कब क्या होगा यह नहीं बता सकते। देश की भावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में देश सुरक्षित रह सकता है। इसलिए, संसदीय चुनावों में, महायुति के उम्मीदवारों को भारी मतों से चुना जाना चाहिए और मोदी के हाथों को मजबूत करना चाहिए। फिर उसके बाद दानवे ने विवादास्पद बयानों की एक श्रृंखला जारी रखी।

►उत्तर-पश्चिम मुंबई में तीसरी दिशा 
पिछले अंक में उत्तर-पश्चिम मुंबई लोकसभा क्षेत्र से संजय निरुपम की उम्मीदवारी घोषित होने के बाद इसी स्तम्भ में आपको बताया गया था कि सपा भी यहाँ से अपना उम्मीदवार उतार सकती है। समाजवादी पार्टी ने यहाँ से सुभाष पासी को मैदान में उतार दिया है। पासी उत्तर प्रदेश की सैदपुर ( आरक्षित, अजा.) विधान सभा पर लगातार दो बार चुनाव जीतने वाले पासी यहाँ खुद आये हैं या उनको बुलाया गया है। खबर यह है कि कांग्रेस के एक दिवंगत मुंबई अध्यक्ष के समर्थक भीतर ही भीतर निरुपम को इस सीट से उम्मीदवार बनाये जाने से खुश नहीं हैं। विधायक बनने से पहले पासी मुंबई के एक बिल्डर का काम-काज देखते थे। संयोग से उस बिल्डर के अघोषित साझेदार एक पूर्व अध्यक्ष भी हैं जो खुद इस सीट से लड़ना चाहते थे। कुर्ला वाले विधायक का अपना अलग दावा था। बहरहाल पासी को यहाँ लाने का मकसद निरुपम की जीत की सम्भावना को फच्चर लगाना भर है क्योंकि यह सीट इससे पहले मुंबई सपा अध्यक्ष अबू आसिम आजमी को बैरंग रवाना कर चुकी है। अब पासी कितने वोट किसके काटेंगे यह आराम से समझा जा सकता है। बहरहाल एक जानकार का कहना है कि पासी आ तो गये हैं पर चुनाव कितनी गंभीरता से लड़ेंगे यही इस लोकसभा क्षेत्र का भविष्य तय करेगा। 

►अफस्पा पर यशवंत सिन्हा उवाच 
भाजपा के एक और निर्वासित नेता पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने अफस्पा (सशस्त्र बल विशेष सुरक्षा कानून) पर भाजपा द्वारा कांग्रेस को देशद्रोही कहने पर आईना दिखाने की कोशिश की है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा है कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में तो अभी अफस्पा को हटाने की बात ही की है। लेकिन आपने तो इसे अरुणाचल प्रदेश में हटा भी दिया। भारत सरकार ने अरुणाचल प्रदेश के चार पुलिस स्टेशन से अफस्पा को हटा दिया है। इन पुलिस स्टेशन पर यह कानून बीते 32 साल से लागू था। भाजपा अगर अफस्पा हटाए तो यह देशभक्ति है लेकिन कोई और अगर यह करने की बात भी करे तो वह सशस्त्र बलों के खिलाफ और देशद्रोही होता है। आपका झूठ की दुनिया में स्वागत है।

►हेराय/ चंपाय/ खदेराय/ भुलाय जाबा निरहू 
भारतीय जनता पार्टी के निलंबित झंडाबरदार आई. पी. सिंह अब ऐसा कोई अवसर नहीं छोड़ते जिसमे भाजपा को लपेटा न जा सके। पहले भाजपा आलाकमान और प्रधान सेवक को गुजरात के ठग से अलंकृत कर चुके सिंह साहब ने इस बार भाजपा द्वारा आजमगढ़ से प्रत्याशी बनाये गए गायक  दिनेश लाल यादव पर भोजपुरी भाषा में ट्वीटास्त्र के जरिये व्यंग्य किया है। आईपी सिंह ने लिखा, “आवा बछरू जनता वोट के लाठी में खूब तेल पिला के तोहरे स्वागत के लिए तैयार बा, पूर्व सांसद रामाकांत यादव, तोहे भेली पानी ले के इंतेजार करत बांटे, तोहरे साथे जवन चौकीदार फोटू में हवे, 23 के बाद तोहे नाही पहचनीहे, फिर लौट के बुद्ध घर को आये, फिर से बम्बई नगरिया को सुबह वाली फ्लाइट वापस।“
यही नहीं आईपी सिंह ने इससे पहले भोजपुरी में एक और ट्वीट में लिखा- 
आई अइसन आंधी की हेराय जाबा निरहू, 
भैय्या के साइकल से चंपाय जाबा निरहू, 
आज़मगढ़ में आके खदेराय जाबा निरहू, 
बनबा ‘कार्जकर्ता’, गाना भुलाय जाबा निरहू."
आईपी सिंह ने कहा, "आज़मगढ़ से निरहुआ को टिकट देकर जिसका कभी जनता से कोई सरोकार नहीं रहा भाजपा ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि अखिलेश यादव वहां से प्रचंड जीत हासिल कर एक नया कीर्तिमान रचेंगे। मैं स्वयं अपना हर संभव पल इस महायज्ञ को समर्पित कर आज़मगढ़ के घर घर जाकर उनके लिए वोट मांगूंगा।“

►नाना की उलझन 
नितिन गडकरी एक बार फिर महाराष्ट्र की नागपुर लोकसभा सीट से किस्मत आजमा रहे हैं। यहां पर 11 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के तहत मतदान होगा।  गडकरी का मुकाबला कांग्रेस के नाना पाटोले से है। नाना पाटोले 2014 में भंडारा-गोंदिया से भाजपा की टिकट पर जीते थे। जानकार मानते हैं कि गडकरी के सामने नाना कमजोर साबित होंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी के खिलाफ नाना पाटोले ने ही मुंह खोला था। किसानों के मुद्दे पर उनका भाजपा के शीर्ष से टकराना अंतत: उन्हें वापस कांग्रेस में ले आया। जुझारू पाटोले की धडकन ओवैसी की  ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने बढ़ा दी है। मीम की ओर से अब्दुल करीम भी यहां से चुनाव लड़ रहे हैं।
पुछल्ला : पूर्वोत्तर मुंबई से किरीट सोमैया की जैसी विदाई भाजपा ने की है उसका यह अर्थ कतई नहीं है भाजपा यह सीट जीत लेगी। पुराने भाजपाई यही कह/पूछ रहे हैं।