रिलायंस कम्युनिकेशंस ने आईओटी बिजनेस में रखा कदम
21 Sep 2015
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मुंबई।
दूरसंचार क्षेत्र की घरेलू कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) कारोबार में कदम रखते हुए देश में यह सेवा उपलब्ध कराने के लिए अमरीका स्थित कंपनी जैस्पर के साथ करार किया है।
रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा गुरुवार को जारी विज्ञप्ति में समझौते की वित्तीय जानकारी साझा नहीं की गई है। उसने बताया कि वह आईओटी क्षेत्र की प्रमुख वैश्विक कंपनी जैस्पर की भारत में अकेली साझेदार होगी। कंपनी ने बताया कि देश भर में उसके 11 डाटा केंद्र तथा ग्लोबल क्लाउड एक्सचेंज और जैस्पर के वैश्विक आईओटी सर्विस प्लेटफॉर्म ग्राहकों को अगली पीढ़ी की आईओटी सेवा उपलब्ध कराने में मददगार होंगे।
उसके मुताबिक उसके आईओटी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सरकार की "डिजिटल इंडिया" पहल के तहत शुरू की जाने वाली स्मार्ट सिटी और अन्य परियोजनाओं के लिए भी किया जा सकता है। रिलायंस कम्युनिकेशंस ने बताया कि रिलायंस समूह की कंपनियां आईओटी कारोबार की शुरुआत में उसकी मुख्य ग्राहक होंगी। साथ ही कई दूसरी कंपनियों और राज्य सरकारों के साथ भी बातचीत चल रही है ताकि उन्हें इस कारोबार में ग्राहक के रूप में जोड़ा जा सके।
आईओटी एक ऐसा नेटवर्क होता है जिसमें डिजिटल सुविधा से लैस कई चीजों को साथ जोड़ा जा सकता है और उनका बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी ग्राहक मुख्यत: कंपनियां और बड़े प्रतिष्ठान होते हैं। रिलायंस कम्युनिकेशंस (इंटरप्राइज) एंड ग्लोबल क्लाउड एक्सचेंज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिल बार्ने ने कहा कि भारत में कारोबार तथा देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवाओं में तेजी से बदलाव आ रहा है। विश्वसनीय नेटवर्क, नवाचारी क्लाउड कंप्यूङ्क्षटग और बेहतर आईओटी प्लेटफॉर्म इस क्रांति को संभव बनाने में काफी महत्वपूर्ण हैं।
जैस्पर के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जहांगीर मोहम्मद ने कहा कि भारत अद्यतन तकनीकों और इंफ्रास्ट्रक्चर की मदद से अपने नागरिकों और उद्यमों के सशक्तिकरण में काफी निवेश कर रहा है। इससे क्लाउड और आईटी सेवाओं की मांग बढ़ी है।
रिलायंस कम्युनिकेशंस ने बताया कि हाल ही में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में लांच किए गए उसकी क्लाउड एक्स की सेवा ले रही कंपनियां कम समय और कम लागत में आईओटी प्लेटफॉर्म पर जा सकती हैं।