कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच निवेशकों की चौतरफा बिकवाली के कारण सोमवार को बीएसई का सेंसेक्स 15 महीने बाद 25 हजार अंक से नीचे लुढ़क गया।

 19 Sep 2015  1141
कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच निवेशकों की चौतरफा बिकवाली के कारण सोमवार को बीएसई का सेंसेक्स 15 महीने बाद 25 हजार अंक से नीचे लुढ़क गया। निफ्टी भी 14 महीने बाद 7600 अंक के नीचे बंद हुआ। 
 
चीन के आर्थिक विकास अनुमान घटाने से एशियाई बाजार लाल निशान में रहे। इसके दबाव मे बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 308.09 अंक अर्थात 1.22 प्रतिशत लुढ़ककर 04 जून 2014 के बाद के निचले स्तर 24893.81 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 96.25 अंक यानि 1.26 प्रतिशत टूटकर करीब 09 जुलाई 2014 के बाद के निचले स्तर 7558.80 अंक पर रहा। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने जारी संशोधित आंकड़ों में वर्ष 2014 के लिए अपना विकास अनुमान 7.4 प्रतिशत से घटाकर 7.3 फीसदी कर दिया है। इससे एशियाई बाजारों में गिरावट रही। 
 
चीन का शंघाई कंपोजिट 2.55 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसैंग 1.23 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.15 प्रतिशत लुढ़क गए। वहीं, जापान का निक्की 0.38 प्रतिशत की तेजी में रहा। शुरुआती कारोबार में ब्रिटेन का एफटीएसई भी 0.51 प्रतिशत मजबूत रहा। बीएसई के सभी 13 समूह गिरावट पर रहे। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, आईटी, टेक, तेल एवं गैस, ऑटो, एफएमसीजी, पीएसयू, रियल्टी, कैपिटल गुड्स, पावर, बैंङ्क्षकग, धातु और हेल्थकेयर समूह के शेयर 0.86 फीसदी से 2.57 फीसदी तक टूटे। शुरुआती कारोबार में ब्रिटेन का एफटीएसई भी 0.51 प्रतिशत मजबूत रहा। बीएसई के सभी 13 समूह गिरावट पर रहे। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, आईटी, टेक, तेल एवं गैस, ऑटो, एफएमसीजी, पीएसयू, रियल्टी, कैपिटल गुड्स, पावर, बैंङ्क्षकग, धातु और हेल्थकेयर समूह के शेयर 0.86 फीसदी से 2.57 फीसदी तक टूटे।