पूरे देश में जन्माष्टमी उत्सव की धूम, प्रकट होंगे बाल गोपाल
26 Sep 2015
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भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव जन्माष्टमी आज है। पूरे देश में सुबह से जन्माष्टमी की धूम दिखाई दे रही है। देश के कई मंदिरों और घरों में जहां श्रीकृष्ण की लीलाओं के जुड़ी कथाओं को कहती झांकियां सजाई जा रही हैं, वहीं कई शहरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मटकी-फोड़ और भजन-कीर्तन जैसे कार्यक्रम सुबह से आयोजित हो रहे हैं। मुंबई में दही-हांडी फोड़ने का कार्यक्रम हजारों रुपए के ईनाम और गोविंदा आला-रे के बोल के साथ इस साल भी जारी है।
वहीं, भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा में भी हजारों की संख्या में भक्त श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने लगातार पहुंच रहे हैं। यहां भक्तों के पहुुंचने का सिलसिला पिछले कई दिनों से जारी है। कई ट्रेंनों में मथुरा पहुंचने वाले भक्तों की भीड़ दिखाई दे रही है। कई ट्रेनों पर तो लोग अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रेनों के ऊपर तक चढ़कर मथुरा पहुंच रहे हैं।
माना जाता है कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दिन तीनों लोक काफी ज्यादा उत्साहित रहते हैं। साथ ही माना जाता है कि सभी देवी-देवता भी भगवान श्रीकृष्ण के अवतार लेने और ब्रज भूमि पर की गई उनकी लीलाओं को याद कर पूरी तरह इस तरह से बलिहारी हो जाते हैं कि बैकुंठ की भव्यता ब्रज के आगे फीकी पड़ जाती है। आज होने वाले पर्व को लेकर ब्रज आस्था समंदर उमड़ पडा है और राधे-कृष्ण के ही जयकारे गूंज रहे हैं।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर शुक्रवार शाम को ही कई मंदिरों भजन-कीर्तन के बीच भगवान श्रीराधा-कृष्ण को 'चंद्रकी' पोशाक धारण करा दी गई। मथुरा में जन्माष्टमी पर महाभिषेक के लिए विशाल मंच तैयार किया गया है। कमल पुष्प पर स्थापित चांदी की चौकी पर विराजमान भगवान श्रीकृष्ण के चल-विग्रह ऐसे प्रतीत होंगे, जैसे कमल की प्रत्येक पंखुड़ी असंख्य भक्तों के साथ-साथ उनके स्वरूप को निहार रहे हों।
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर जन्म महाभिषेक का कार्यक्रम रात्रि 11 बजे श्री गणेश-नवग्रह आदि के पूजन से शुरू होगा। रात्रि 12 बजे भगवान प्रकट होंगे। साथ ही दिनभर मंदिर परिसर में ढोल, नगाड़े, झांझ-मजीरे, मृदंग की धुन हरिबोल के साथ सुनाई देती रहेगी।