कांग्रेस ने परिवार भक्ति और पागलपन में देश को बना ड़ाला जेल, आपातकाल की 43वीं बरसी पर बरसे पीएम मोदी.
26 Jun 2018
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मुंबई, (26 जून 2018)- मंगलवार 26 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई दौरे पर आएं, जहां उन्होंने कांग्रेस पार्टी के आपातकाल के विरोध में भाजपा के काला दिवस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई ये समझने की गलती ना करे कि हम सिर्फ देश में आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस सरकार की आलोचना करने के लिए काले दिन का स्मरण करते हैं। हम देश की वर्तमान और भावी पीढ़ी को जागरूक करना चाहते हैं, लोकतंत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को सजग रखने के लिए इसको याद करते हैं। देश ने कभी सोचा तक नहीं था, कि सत्ता सुख के मोह में और परिवार भक्ति के पागलपन में, लोकतंत्र और संविधान की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले लोग हिंदुस्तान को जेलखाना बना देंगे। उन्होंने कहा कि इतिहास के स्वर्णिम पन्नों पर ये जो काला धब्बा लगा है, उसके माध्यम से इस पाप को करने वाली कांग्रेस पार्टी और उस वक्त की सरकार की आलोचना करने के लिए हम काला दिन नहीं मनाते हैं। संविधान का कैसे दुरुपयोग किया जा सकता है। संविधान का एक परिवार के लिए किस प्रकार से हथकंडे के रूप में उपयोग किया जाता है, शायद ही आपातकाल जैसा कोई उदाहरण कहीं मिल सकता है। आपातकाल के समय न्यायपालिका को भयभीत कर दिया था, जो लोकतंत्र के प्रति समर्पित थे उनको मुसीबत झेलने के लिए मजबूर कर दिया गया था और जो लोग एक परिवार के पक्ष में थे उनकी पांचों उंगलियां घी में थी। एक परिवार के लिए संविधान का किस प्रकार से साधन के रूप में उपयोग किया जा सकता है, शायद ही ऐसा उदाहरण कहीं मिल सकता है, जब-जब कांग्रेस पार्टी को और खासकर एक परिवार को अपनी कुर्सी जाने का संकट महसूस हुआ है, तो उन्होंने चिल्लाना शुरू किया है, कि देश संकट से गुज़र रहा है, देश में भय का माहौल है और देश तबाह हो जाने वाला है और इसे सिर्फ हम ही बचा सकते हैं। पीएम मोदी ने गायक किशोर कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय किशोर कुमार को कांग्रेस ने एक प्रफोमेंस करने के लिए के लिए कहा था लेकिन उन्होंने मना कर दिया था। उनका इतना ही गुनाह था और उसके बाद टीवी और रेडियो से उनकी छुट्टी कर दी गई। उनकी फिल्म 'आंधी' पर रोक लगा दी गई, जिस पार्टी के अन्दर लोकतंत्र ना हो उनसे लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता की अपेक्षा नहीं की जा सकती है, जिन्होनें देश के संविधान को कुचल डाला हो, देश के लोकतंत्र को कैदखाने में बंद कर दिया हो, वो आज भय फैला रहे हैं कि मोदी संविधान को खत्म कर देगा। उन्होंने कहा कि जागरुकता के लिए बीजेपी काला दिवस मना रही है। इमरजेंसी के समय भय का माहौल था और देश के लोकतंत्र पर काला धब्बा है। कांग्रेस ने इमरजेंसी का पाप किया था और संविधान का दुरुपयोग किया गया। नई पीढ़ी को इमरजेंसी का पता नहीं है। गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 43 साल पहले देश में आपातकाल लगाया था, उन्होंने सुबह 8 बजे देशवासियों को रेडियो के जरिए इसकी सूचना दी थी।