सिद्धू ने जान पर खेलकर बचाई 10 लोगों की जान
19 Dec 2018
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दरअसल, सिद्धू हुमानाबाड़े (20) एक ऑनलाइन खाना डिलिवरी कंपनी में डिलिवरी ब्वॉय के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने बताया कि ESIC कामगार अस्पताल के पास से गुजरते हुए उसने अस्पताल के ऊपरी तलों से धुआं निकलते हुए देखा। सिद्धू ने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी कर दमकल कर्मियों से पूछा कि क्या वह लोगों को बचाने में उनकी मदद कर सकता है. अधिकारियों की अनुमति मिलने पर वह अग्निशमनकर्मियों की सीढ़ियों की मदद से इमारत के चौथे तल पर पहुंचा. उसने वहां फंसे कुछ मरीजों एवं आगंतुकों को सुरक्षित निकाला। बहादुरी दिखाते हुए उसने घने धुंए से भरी जगह में प्रवेश किया और दो घंटे में 10 लोगों को सुरक्षित निकाला. हालांकि, दमघोंटू धुएं के कारण वह बेहोश हो गया. फिलहाल उसका पास के सेवन हिल्स अस्पताल में इलाज चल रहा है। अस्पताल में बात करते हुए सिद्धू ने बताया कि लोगों को मदद की गुहार सुनकर वह खुद को रोक नहीं पाया. उसने बताया, 'मैं राहत अभियान में दमकल के कर्मियों के साथ शामिल हुआ. शुक्र है कि उन्होंने चौथी मंजिल तक जाने के लिए मुझे अपनी सीढ़ी का इस्तेमाल करने दिया. मैंने कुल्हाड़ी से इमारत का कांच तोड़ा और अंदर घुसा। सिद्धू ने कहा कि उसने मरीजों से खिड़की के किनारे आने को कहा और उन्हें एक-एक कर नीचे उतारा. उसने बताया, 'एक मरीज मेरे हाथ से फिसल गई थी लेकिन खुशकिस्मती से वह बच गई। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री संतोष गंगवार शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती पीड़ितों से मंगलवार को मुलाकात करने के साथ ही सिद्धू से भी मिले. गंगवार ने उसकी सेहत का जायजा लेकर उसकी जरूरतें पूछी. हाल ही में 12वीं कक्षा पास करने वाले सिद्धू ने कहा, 'उनसे तारीफ पाना अच्छा लगा।