शिवछत्रपती की धरोहर को आगे बढाने के लिये बने प्रतिबद्ध - सीएम उद्धव ठाकरे

 06 Jun 2020  472

मुंबई, (6 जून 2020)- छत्रपति शिवाजी महाराज का जनकल्याणकारी प्रशासन दुनिया के सामने एक आदर्श है। इस अर्थ में, 'शिवराज्याभिषेक दिवस' को 'संकल्प दिवस' मानकर हम शिवछत्रपती द्वारा सौंपी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए आईये हम सभी प्रतिबद्ध हो जाये, इन शब्दों में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री (सीएम) उद्धव बालासाहेब ठाकरे ने शिवराज्याभिषेक दिवस के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा है की, हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपती शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक दिवस महाराष्ट्र के हृदय पर अंकित एक अनूठा मंगलमयी पल है। सिर्फ और सिर्फ अवाम की खुशहाली की सोच दिल में रखनेवाले शिवछत्रपती पर अटूट विश्वास के साथ चलने का संकल्प करने का यह दिन है। उनकेद्वारा शासित जनकल्याणकारी राज्य दुनिया में आदर्श माना जाता है। आज भी, चुनौतियों पर काबू पाने और धैर्यपूर्वक आगे बढ़ने के लिए उनकी यही नीती मार्गदर्शक साबित हो रही हैं। आइये, उनकेद्वारा हमारे हाथ में सौंपी इस विरासत और धरोहर को उन्ही के बताये रास्तेपर आगे बढाने के लिए हम सभी प्रतिबद्ध हों। आइये यह वचन हम उनके चरणों में अर्पण करें। इस अवसरपर सभी को शुभकामनाएँ। शिवछत्रपती को कोटी कोटी नमन! छत्रपति शिवाजी महाराज ने महाराष्ट्र में हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की। ‘जनता खुशहाल तो राजा खुशहाल’ इस सूत्र के आधारपर उन्होने राज्य चलाया। महान योद्धा, कुशल प्रशासक, जनकल्याणकारी एवम् अवाम की खुशहाली के लिये सदैव समर्पित राजा के रूप में उन्होने अपनी पहचान बनायी। वे राजनीति, युद्ध की रणनीति, अर्थशास्त्र, मानवतावाद, पर्यावरण संरक्षण और दूरदर्शिता इन गुणों से लैस राजा थे, इन शब्दों में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) अजित पवार ने शिवराज्याभिषेक दिवस के अवसरपर छत्रपती शिवाजी महाराज की बहादुरी, पराक्रम और प्रशासन के आदर्शों को नमन किया। उन्होंने महाराष्ट्र की जनतो को भी राज्याभिषेक दिवस की शुभकामनाएँ दी। उपमुख्यमंत्री पवार ने कहा, छत्रपती शिवाजी महाराज एक युगपुरूष है। उनके जैसे महामानव एक ही बार जन्म लेते है और पुरी मानवजाति का कल्याण कर जाते है। छत्रपती शिवाजी महाराजद्वारा उनके जीवन में किया गया कार्य अलौकिक है। उन्होंने महाराष्ट्र की पहचान को जगाया। महाराष्ट्र की घाटियों में बसे मावले और कई जातियों को इकठ्ठा कर उनके मन में आत्म-सम्मान और स्व-शासन के बीज बोये। उन्होंने ऐसे स्वराज्य का निर्माण किया जो की हर किसी को अपना महसूस हो और जहां सभी को न्याय मिले। उन्होने किसानों को न्याय और मजदुरों को स्वाभिमान दिलाया। राज्याभिषेक के माध्यम से महाराष्ट्र ने छत्रपती शिवाजी महाराज जैसा महानतम राजा पाया। इसी कारण इस दिवस का हम सभी के जीवन में अत्यधिक महत्व है। महाराष्ट्र के आराध्य देव, हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक, किसानों के नायक, अवाम के राजा, युगप्रवर्तक ऐसे छत्रपती शिवाजी महाराज को राज्याभिषेक दिवस के उपलक्ष्य में वंदन करते हुये आईये, उनके विचारों को आदर्श मानकर उनके दिखाये रास्तेपर चलने का संकल्प करें, इन शब्दों में उपमुख्यमंत्री ने छत्रपती शिवाजी महाराज के प्रति कृतज्ञता एवम् आदर जताया और राज्य के लोगों को मंगलमयी राज्याभिषेक की शुभकामनाएँ दी।