राज्य में पुनर्रचित मौसम आधारित फलपीक बीमा योजना चलाने के लिए मंजूरी किसान ऑनलाईन पद्धति से पंजीकरण करे -कृषिमंत्री दादाजी भुसे

 06 Jun 2020  669

मुंबई, (06 जून 2020)- राज्य में पुर्नरचित मौसम आधारित फलपीक बीमा योजना सन २०२०-२१ से २०२२-२३ इस तीन साल के लिए चलाने के लिए राज्य सरकार ने मंजूरी दी है। कृषिमंत्री दादाजी भुसे ने बताया कि कर्जदार और बगेर कर्जदार किसानों के लिए यह योजना ऐच्छिक की है। इस योजना में भाग लेने के लिए किसान ऑनलाईन पंजीकरण कर सकते है, मृग बहारा में संत्रा, मोसंबी, अनार, पेरु, लिंबू और चिकू इन छह फल की फ़सलों के लिए १८ जिलों में और आंबिया बहारा में अंगूर, अनार, केला, संत्रा, मोसंबी, आम और काजू इन सात फलों की फसलों के लिए २३ जिलों में  और  स्ट्रॉबेरी की फ़सल का प्रायोगिक रूप से सिर्फ सातारा जिले में चलाने के लिए मंजूरी दी हैं। योजना में भाग लेने या शामिल होने के लिए कुल बीमा किश्त के केवल ५ फीसदी बीमा किश्त किसानों को देनी होगी। शेष  बीमा किश्त राज्य और केंद्र सरकार की ओर से दी जाएगी।  इसमें इस साल से केंद्र सरकार कुल ३० फीसदी बीमा किश्त की ५० फीसदी सीमा तक की ही बीमा किश्त के अनुदान का भार उठाएगी। इसलिए ३० फीसदी आगे शेष बीमा किश्त के अनुदान की बड़ी रकम राज्य सरकार की ओर से अदा की जाएगी। बारिश, तापमान, सापेक्ष आर्द्रता, ओले और तूफ़ानी हंवा इन सभी मौसमी ख़तरे से निर्धारित की गई अवधि में किसानों का बीमा संरक्षण के द्वारा आर्थिक स्थैर्य अबाधित रखना ही इस योजना का उद्देश्य होने की बात कृषिमंत्री ने इस दौरान बताई। मृग और आंबिया बहारा में जिला समुह में ई-निविदा प्रक्रिया से चुने गए बीमा कंपनियों के जरिए यह योजना चलाई जा रही है। अहमदनगर, अमरावती,  सिंधुदुर्ग, नाशिक, वाशिम, यवतमाल और  सातारा, परभणी, जालना, लातुर, कोल्हापुर इन जिलों के लिए एचडीएफसी एर्गो जनरल इन्शुरन्स कंपनी और रायगड, बुलढाणा, जलगाँव, नांदेड, पुणे, उस्मानाबाद इन जिलों के लिए बजाज अलायन्झ जनरल इन्शुरन्स कंपनी, धूलियाँ, पालघर, सोलापुर, रत्नागिरी, नागपुर, नंदुरबार इन जिलों के लिए भारतीय कृषि बीमा कंपनी यह काम देखेगी। बीड, औरंगाबाद, अकोला, सांगली, वर्धा, ठाणे, हिंगोली इन जिलों के लिए निविदा प्रक्रिया प्रगतिपथ पर होने की बात भी कृषि विभाग के सचिव एकनाथ डवले ने इस दौरान कहीं। किसानों ने (कर्जदार व बगेर कर्जदार) योजना का लाभ लेने तथा इसमें भाग लेने के लिए आवेदन प्रस्तुत करना, बीमा किश्त की रकम कर्जदार तथा बगेर कर्जदार किसानों के बैंक खाते से प्राथमिक सहकारी संस्था, बैंक, आपले सरकार सेवा केंद्र, बीमा प्रतिनिधि ने कटौती (कपात) करना, ऑनलाईन आवेदन करने की अंतिम तारीख इस तरह से है- मृग बहारा के मोसंबी और चिकू के पीक के लिए ३० जून, संत्रा के लिए २० जून (मृग २०२० साठी), पेरू (जाम ) की फ़सल के लिए १४ जून (मृग २०२१ व २०२२) अनार की फ़सल के लिए १४ जुलाई है। वहीं आंबिया बहार के अंगूर की फ़सल के लिए १५ अक्तूबर, मोसंबी और केले के लिए ३१ अक्तूबर, संत्रा, काजू और कोकण के आम की फसल के लिए ३० नवंबर, अन्य जिलों के आम और अनार की फ़सल के लिए ३१ दिसंबर, वहीं स्ट्रॉबेरी के लिए १४ अक्तूबर है। योजना में शामिल होने के लिए बगेर कर्जदार किसानों ने अपना खाता जहां है, उस बैंक से, आपले सरकार केंद्र से पंजीकरण के लिए आवश्यक कागजाद समेत फलबाग का अक्षांश रेखांश के दर्ज किए गए फोटो समेत संपर्क करें। इसके साथ ही किसानों को स्वयं ऑनलाइन पद्धति से राष्ट्रीय पीक बीमा वेबसाइट के द्वारा फलपीक बीमा पंजीकरण किया जा सकेगा। किसानों ने बीमा पंजीकरण की अंतिम समयसीमा की राह न देखते हुए इस योजना में शामिल होने के लिए तथा इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिए कृषि विभाग के कार्यालय से संपर्क करने और पीक बीमा संरक्षण के लिए पंजीकरण करने का आवाहन कृषिमंत्री ने किया है।