प्रदूषण कम करने के लिए प्रयास होना चाहिए - मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

 06 Jun 2020  688

मुंबई, (06 जून 2020)- समूचे विश्व में कोयला खान में हमारा देश चौथे स्थान पर है, फिर भी हम कोयले की आयात बाहर से करते है। विद्युत निर्माण में कोयले का विशेष महत्त्व है। उत्तम कोयले की उत्पादन क्षमता  को पूरी तरह से उपयोग में लाने पर विद्युत निर्माण की समस्या का समाधान भी होगा और ग्रामीण क्षेत्र में भी हमेशा स्वस्त दर में और अखंडित रूप से विद्युत की आपूर्ति की जाएगी, ऐसा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा। गौरतलब है कि वेस्टर्न कोलफिल्ड की ओर से महाराष्ट्र के नागपुर समीप आदासा में एक और मध्यप्रदेश के दो कोयला खान का उद्घाटन आज मुख्यमंत्री के और मध्यप्रदेश के  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के हाथों ऑनलाईन पद्धति से किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितीन गडकरी, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान भंडारा जिला पालकमंत्री सुनील केदार, अन्य लोकप्रतिनिधि एवं वेस्टर्न कोलफिल्ड के अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक बटन से ऑनलाईन पद्धति से इस खान के काम का शुभारंभ किया। आदासा  खान में ३३४ करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है और १.५ दस लाख टन कोयले का  उत्पादन होगा, साथ ही ५५० लूग्न को रोजगार भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि पिछले दो-तीन माह से हम सभी कोरोना से लड़ रहे है। ऐसे लग रहा है जैसे हमारी पूरी जिंदगी थम गई हो और ऐसे में भी प्रचंड ऊर्जा का स्त्रोत देनेवाले इस कोयला खान का शुभारंभ हम कर रहे है, इससे अच्छा संदेश हम दे रहे है। रोटी, कपड़ा, मकान इस जीवनावश्यक वस्तू में हमें ऊर्जा को भी शामिल करना होगा। आज आजादी को हमें इतने साल हो गए लेकिन हमें सही मायने में किसानों को विद्युत की मांगों को लेकर की अपेक्षा सौं फीसदी पूरी हुई है, यह नहीं कह सकते। अभी भी लोडशेडिंग पूरी तरह से बंद करना, स्वस्त दर में, अखंडित रूप से विद्युत आपूर्ति देना इन सभी बातों की पूर्तता हमें करनी है। अच्छे स्तर के कोयले का उत्पादन हुआ तो भविष्य की विद्युत निर्माण की समस्याओं का निराकरन भी होगा। कोयला खान के कारण जो प्रदूषण हो रहा है, यह चिंता का विषय है, कोयला खान से जो धुआं निकलता है, उसके कारण समीप के परिसर का वातावरण प्रदूषित होकर परिसर के नागरिके के स्वास्थ का ख़तरा बना रहता है, सांस से संबंधित एवं अन्य बीमारियों का उद्भव होता है। कोयले की राख़ का प्रमाण कम करने के लिए कोयला धोने की प्रक्रिया अच्छी तरह से होने पर इसका प्रमाण कम हो सकता है। इसके लिए वोशरीज़ अच्छी हो। कोयले की खान को उत्पादन पूरा होने के बाद बंद करते है, तब उसे वैसे ही न रखते हुए वहाँ पर पेड़ लगाकर, वहाँ पर हरियाँली तैयार करने पर पर्यावरण में मदद होगी। कोयला खान बंद करने की अवधि भी निश्चित करनी चाहिए। कई सालों से अधूरे नागपुर-नागभीड ब्रॉडगेज मार्ग का शुभारंभ भी जल्द ही किया जाएगा।

► महाराष्ट्र में १४ खान शुरू होगी

इस दौरान वेस्टर्न कोलफिल्ड ने जानकारी में बताया कि आगामी ४ सालों में महाराष्ट्र में १४ खान शुरू हो रही है और इनमें से ३ खान इसी साल शुरू होगी। इन कोयलें की खान से ११ हजार ५०० करोड़ रुपये का निवेश होगा और इसमें तकरीबन १३ हजार लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा।