मुंबई, (28 अगस्त 2019)- स्कूलों में नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने की यह नई पहल: हेमा फाउंडेशन। चार दिवसीय इस कार्यशाला में २५० से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जायेगा। मीरा-भायंदर के मांडली तलाव स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर नगर भवन में स्कूलों के अध्यापकों के लिए 'नैतिक शिक्षण प्रशिक्षण' की चार दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यशाला २६ से २९ अगस्त २०१९ तक दो सत्रों में जारी रहेगी। कार्यशाला का प्रथम सत्र- ( दिनांक २६ - २७ अगस्त ) तथा कार्यशाला द्वितीय सत्र- ( दिनांक 28-29 अगस्त २०१९) प्रातः ११.०० से को सायं ५.०० बजे तक जारी रहेगा। सोमवार, प्रशिक्षण कार्यशाला के पहले दिन १२५ से अधिक शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज होने के साथ ही शानदार प्रतिसाद मिला। इस चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य सदाचार, श्रम , संयम और शालीनता युक्त शिक्षा द्वारा श्रेष्ठ युवा पीढ़ी के निर्माण के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है। इस कार्यशाला के माध्यम से यह बताने की कोशिश की गयी है कि सच्चे, अच्छे और समाज के प्रति ज़िम्मेदार नागरिक/ मानव का निर्माण करने वाली गुणवत्तापरक शिक्षा ही समाज, और राष्ट्र के प्रति आस्था एवं समर्पण की भावना जगाने में सक्षम होती है। यही हेमा फाउंडेशन और उसके विशेषज्ञों की टीम द्वारा विकसित और प्रचारित अवधारणा है।
हेमा फाउंडेशन, 'राम रत्ना ग्रुप' की सामाजिक गतिविधियों की एक परोपकारी इकाई है। बच्चों को उनकी संवेदनशील आयु में संस्कारित और नैतिक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में यह एक अभिनव प्रयास है। फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य- ''बच्चों में अभिभावक, समाज व राष्ट्र के प्रति नैतिक जिम्मेदारी का बोध करवाना है, जिससे वे जागरूक एवं उत्तरदायी नागरिक बन सके। वैश्विक पटल पर भारतीय संस्कृति एवं मानवीय-मूल्यों के स्थापन के लिए समर्पित हेमा फाउंडेशन नैतिक-मूल्यों एवं मानवता की प्रतिमूर्ति श्रीमती हेमा काबरा की स्मृति में स्थापित यह संस्था विगत चार वर्षों से मानवीय-मूल्यों एवं भारतीय संस्कृति के पुनरुत्थान के लिए देश भर में जीवन-मूल्यों में सरलता एवं सौहार्द स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। हेमा फाउंडेशन के परामर्श मण्डल में पद्मश्री रामेश्वरलाल काबरा, डॉ.संजय मालपानी (राष्ट्रीय अध्यक्ष- गीता परिवार), डॉ. श्रीमती चीनू अग्रवाल (मनोविज्ञानी एवं मनोचिकित्सक), डॉ. अनंतन रामकृष्ण पिल्लै (संस्थापक अध्यक्ष- आई.डी.एफ.), डॉ. हरीश शेट्टी (बाल-मनोचिकित्सक), श्री शिव खेड़ा (मोटिवेशनल ऑथर), प्रसिद्ध अभिनेता व पद्मश्री मनोज जोशी, फिल्म अभिनेता- मुकेश खन्ना का विशेष मार्गदर्शन लिया गया है। इन अल्पावधि में फाउंडेशन ने छोटे कदम, बढ़ते कदम की ओर पहल करते हुए वर्तमान में देश के 19 राज्यों के 109 शहरों में दस्तक देते हुए हजारों विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में अपनी गतिविधियों का संचालन कर रही हैं। विभिन्न राज्य सरकारों एवं केंद्र सरकार ने भी अनेक अवसरों पर हेमा फाउंडेशन के उद्देश्यों एवं कार्य की सराहना की है। हेमा फाउंडेशन की क्रिएटिव डायरेक्टर एवं ट्रस्टी श्रीमती अनीता माहेश्वरी ने बताया कि गरवारे इंस्टीट्यूट मुंबई विश्वविद्यालय, सोलापुर विद्यापीठ, तिलक विद्यापीठ -पुणे, महर्षि दयानद सरस्वती विश्वविद्यालय -अजमेर, राजस्थान विश्वविद्यालय- जयपुर आदि ने अनेक सर्टिफिकेट एवं डिग्री पाठ्यक्रमों का संचालन भी किया है। साथ ही नैतिक-मूल्यों एवं भारतीय संस्कृति के रचित पाठ्यक्रम को और अधिक रोचक एवं सरल बनाने के लिए हेमा फाउंडेशन ने 45 से अधिक प्रेरक लघु चलचित्रों का निर्माण भी किया है। विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से मिल रहे सकारात्मक प्रतिसाद को ध्यान में रखते हुए फाउंडेशन का अगला कदम उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों में क्षमता निर्माण हेतु “हेमफार्मेशन” के प्रथम मॉड्यूल का प्रकाशन किया गया है। इस पुस्तक में खुशी, समर्पण, ईमानदारी, समय, प्रबंधन, धैर्य, आशाएं, आदतें, आत्मविश्वास आदि विषयों का समायोजन है। विषयों पर गहरी शोध कर विषय के तथ्यों को रचनात्मक, कलात्मक एवं सरलात्मक तरीके से प्रस्तुत किया है, ताकि विद्यार्थियों के सफलता का प्रवेश द्वार प्रशस्त हो। नैतिक शिक्षा के इस पाठ्यक्रम को व्यापक पैमाने पर कार्यान्वयन करने हेतु महानगरपालिका एवं जिला परिषद के स्कूलों के शिक्षकों को नैतिक शिक्षा पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण का सिलसिला शुरू हुआ है। इस चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षा एवं राजनीति जगत के विशिष्ट महानुभावों की विशेष उपस्थिति रहेगी। प्रशिक्षण कार्यशाला के प्रथम सत्र के पहले दिन मीरा भायंदर के भाजपा विधायक श्री नरेंद्र मेहता, श्री बालाजी खतगांवकर मीरा भायंदर महानगरपालिका आयुक्त, श्री ध्रुव किशोर पाटील स्थानीय नगरसेवक , श्रीमती उर्मिला परदे शिक्षण अधिकारी- मीरा भायंदर, श्री भगवती शर्मा - बीजेपी नेता मीरा-भायंदर आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी महानुभावों ने वर्तमान परिस्थिति में नैतिक शिक्षा की आवश्यकता एवं उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए इसे स्थायी रूप से विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में सम्मलित करने हेतु स्कूल के शिक्षकों एवं शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने आह्वान किया। फाउंडेशन का लक्ष्य है- नैतिक मूल्यों की ज्योति को प्रभावी एवं सशक्त रूप में योजनाबद्ध और चरणबद्ध तरीके से हर विद्यालय, हर विद्यार्थी तक पहुँचे जिससे एक संस्कारी, स्वाभीमानी, समर्थ एवं शिक्षित भारत का निर्माण हो।आज के बदलते परिवेश एवं सूचना-प्रद्योगिकी गति को ध्यान में रखते हुए हेमा फाउंडेशन का एक नया पहल मोबाइल ऐप विकसित किया है। जहाँ से पुस्तक-सामग्री एवं प्रतियोगिता संबंधी जानकारी अथवा www.hemafoundation.org से डाउनलोड की जा सकती है। इसके साथ ही ऑन लाइन प्रतियोगिता के लिए www.whizjuniour.com पर भी भाग ले सकते हैं। अगर किसी प्रकार के सहायता की आवश्यकता हो, तो कृपया हमें admin@hemafoundation.org अथवा श्रीमती कल्पना उरनकर, मो. 7228001342 पर भी संपर्क कर सकते हैं। नैतिक शिक्षा के इस उपक्रम को आपके माध्यम से व्यापक रूप में घर-घर तक पहुँचाने हेतु आप सभी प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधयों से निवेदन है कि इस उपक्रम को हर विद्यालय, हर विद्यार्थी तक पहुँचाने हमारा सहयोग करें।