नीलमताई का निर्विरोध चयन यह सदन की प्रथा व परंपरा का गौरव - मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
24 Jun 2019
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►विधान परिषद के उपसभापति पद पर डॉ. नीलम गोऱ्हे
मुंबई, (24 जून 2019)-विधान परिषद के उपसभापति पद पर डॉ. नीलम गोऱ्हे का निर्विरोध चयन यह सदन की प्रथा, परंपरा का गौरव है। नीलमताई सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक जैसे सभी क्षेत्रों में काम करते हुए उपलब्धियां हासिल की हैं। वह अपने अनुभव और सक्रियता के बल पर उपसभापति पद की ऊंचाई बढ़ाने के लिए काम करेंगी। ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज विधान परिषद में व्यक्त किया। विधान परिषद के उपसभापति पद पर डॉ. नीलम गोऱ्हे का आज निर्विरोध चयन किया गया। इस अवसर पर अभिनंदन प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री बोल रहे थे। इससे पहले उपसभापति पद के लिए सदन के नेता व राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल और सदस्य एड. अनिल परब ने डॉ. नीलम गोऱ्हे के नाम का प्रस्ताव पेश किया। इस पर उद्योग मंत्री सुभाष देसाई और सदस्य एड. भाई गिरकर ने अनुमोदन दिया। मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने अभिनंदन प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि, नीलमताईं के माध्यम से विधान परिषद के इतिहास में एक नया पेज जोड़ा गया है। लगभग 60 साल के बाद उपसभापति के पद के लिए एक सक्षम और कुशल महिला को निर्विरोध चुना गया है। सभापति और उपसभापति पद को एक उच्च परंपरा प्राप्त हुई है। उन्होंने एकमत से चुनाव की परंपरा को इस बार भी बनाए रखने के लिए सदन को धन्यवाद दिया।नीलमताई के कार्यो का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने कहा कि उन्होंने प्रत्येक विषय का गहन अध्ययन किया है। उन्होंने चिकित्सा सेवा में दस साल से अधिक समय बिताया है। नीलमताई की सामाजिक प्रश्नों पर आक्रामकता देखी गई है, अध्ययनपूर्ण भाषण से उन्होंने सदन में अपनी छाप छोड़ी है। विधान परिषद में उन्होंने विभिन्न समितियों में काम किया है। उसमें कामकाज सलाहगार समिति, विशेषाधिकार हनन समिति का प्रमुख समावेश है। सामाजिक मुद्दो पर काम करते हुए, उन्होंने कोई राजनीतिक अभिलाषा नहीं रखी। भूमिहीन मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई उनका विशिष्ट कार्य रहा है। महिला सबलीकरण का काम उन्होंने किया है। मुख्यमंत्री ने यह विश्वास व्यक्त किया कि बहुत ही संवेदनशील मन की नीलमताई इस पद की गरिमा को अलग उचाईंयों पर ले जाएंगी।अभिनंदन प्रस्ताव पर विरोधी पक्ष नेता धनंजय मुंडे, उद्योग मंत्री सुभाष देसाई, सदस्य श्री शरद रणपिसे, जयंत पाटिल ने अपनी भावनाएं व्यक्त की। डॉ. नीलम गोऱ्हे ने इस अभिनंदन प्रस्ताव पर उत्तर देते हुए कहा कि इस पद की गरिमा का सम्मान रखते हुए वे न्याय करेंगी। एकमत से चयन करने के लिए उन्होंने सदन का आभार माना।