नक्सलवादी हमले में शहीद हुए जवानों के परिजनों को नोकरी - दीपक केसकर
21 Jun 2019
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मुंबई,(21 जून 2019)- गडचिरोली जिले में 1 मई के दिन नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों के परिजनों को आर्थिक मदद दी गई है और जल्द ही नोकरी दी जाएगी। इस हमले को लेकर पुलिस अधिकारीयों का निलंबन किया गया है। नक्सलवादी कार्रवाईयों को रोकने के लिए आधुनिक तकनीकीयों का इस्तेमाल किया जाएगा, यह जानकारी गृहराज्यमंत्री दीपक केसरकर इन्होंने आज विधानपरिषद में दी। दि. 1 मई के दिन गडचिरोली जिले के कुरखेडा तहसील में नक्सलवादी हमले में शहीद हुए जवानों के परिजनों को आर्थिक सहायता एवं नक्सलवादी वारदातों को रोकने के संदर्भ में लक्षवेधक सूचना सदस्य प्रकाश गजभिये इन्होंने उपस्थित की थी। इसे जवाब देते हुए केसरकर बोल रहे थे। केसरकर इन्होंने कहा कि, कुरखेडा नक्सलियों के हमले में शहीद हुए जवानों के परिजनों को जल्दी ही नोकरी दी जाएगी। शहीद जवानों के वारिसों को शासन की ओर से अनुदान के रूप में प्रति व्यक्ति 25 लाख रुपये के तौर पर 3 करोड़ 75 लाख रुपये का और सदन की कीमत प्रति व्यक्ति 22 लाख 50 हजार रुपये के मुताबिक 3 करोड़ 37 लाख 50 हजार रुपये कुलमिलाकर 7 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं। केंद्रीय सुरक्षा निधि के माध्यम से हर एक वारिस को 20 लाख रुपये ऐसे 3 करोड़ रुपये सानुग्रह अनुदान मंजूर किया गया है। मुख्यमंत्री सहायता निधि से हर एक को 20 लाख 50 हजार रुपये ऐसे 3 करोड़ 7 लाख 50 हजार रुपये मंजूर किए गए हैं। साथ ही पुलिस महासंचालक की ओर से सानुग्रह राशि प्रति 50 हजार रुपये एवं विशेष सहाय्य रूप में 50 हजार और पुलिस कल्याण निधि अत्यंतविधी के लिए 12 हजार रुपये शहीदों के परिजनों को सौंप दिए गए हैं। शहीद पुलिस कर्मियों के विवाहित होने पर पत्नी को और अविवाहित है तो माँ को निधि वितरित किया गया है।नक्सलियों के वारदातों को अंजाम देने के लिए और मुकाबला करने के लिए पुलिस दल को जरूरी ऐसे शस्त्र एवं गोला-बारूद साथ ही आधुनिक संपर्क प्रणाली, परिवहन व्यवस्था, भुसूरुंग प्रतिबंध वाहन एवं हेलिकॉप्टर उपलब्ध कर दिए हैं। जिला पुलिस और केंद्रीय आरक्षित बल के माध्यम से नक्सलियों के विरोध में अभियान चलाया जा रहा है और एरिया डॉमिनेशन कार्रवाई करके नागरिकों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। जिले में नक्सलियों के विरोध में कृतियों को केंद्रीय आरक्षित पुलिस बल बटालियन, कोब्रा बटालियन के कंपनियां, राज्य आरक्षित पुलिस बल की कंपनियां एवं जिला पुलिस दल और सी-60 के दल को तैनात किया गया है। गुप्तवार्ता सेल तैयार करके उसका जाल विस्तारित किया गया है। जवानों को युध्दप्रशिक्षण देने के लिए व्यवस्था की गई है। नक्सलियों के खिलाफ खोज मुहिम एवं इंटेलिजेंस बेस अॉपरेशन, नाईट अॅम्बुश, नाकाबंदी इसके कारण नक्सलियों के वारदातों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। ग्राम भेंट योजना, युवा सम्मेलन, क्रीडा स्पर्धा, जनजागरूकता सम्मेलन, स्वास्थ्य शिविर, बेरोजगारों को आय. टी. आय. प्रशिक्षण देकर स्वंयरोजगार व्यवसाय इस तरह के जनसंपर्क का अमल किया जा रहा है और जनता की सहायता भी मिल रही है। साथ ही आत्मसमर्पण योजना के कारण नक्सल भर्ती पर परिणाम हुआ है। नक्सलियों के त्रस्त वारदातों के कारण गांववासी नक्सल विरोधी ठराव सम्मत कर रहे हैं और उन्हें शासन की ओर से गांव के विकास के लिए 6 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। नागरिकों की सम्मति से विकास कार्य करके जिले से नक्सलवाद खत्म करने की दृष्टि से कार्रवाई शुरू है।इस चर्चा में विरोधी पक्षनेता धनंजय मुंडे, सदस्य हेमंत टकले, ख्वाजा बेग आदियों ने भाग लिया।