#MeToo: आलोक नाथ पर आरोप के 42 दिन बाद दर्ज हुई FIR
21 Nov 2018
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अधिकारियों ने कहा कि मंगलवार की रात उपनगर अंधेरी के ओशिवाड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. इस संबंध में जोन नौ के पुलिस उपायुक्त परमजीत सिंह दहिया ने बताया कि आलोक नाथ पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (दुष्कर्म) के तहत मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि नंदा ने 17 अक्टूबर को थाने में अभिनेता के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी. इससे नौ दिन पहले उन्होंने आलोक नाथ पर आरोप लगाया था कि अभिनेता ने उनके टीवी शो ‘तारा’ की शूटिंग के दौरान उनका दुष्कर्म किया था। नंदा ने एक बयान में कहा, ‘जिस क्षण मैंने आठ अक्टूबर 2018 को फेसबुक पर सच्चाई लिखी, मुझे लगा जैसे कि मैंने खुद को डर की कैद से आजाद कर लिया. मैं खुश हूं कि प्राथमिकी दर्ज हुई है. मुझे मुंबई पुलिस पर भरोसा है। नंदा ने कहा, ‘मुझे पता है कि जब चीजें यहां तक आ गई हैं तो न्याय जरूर मिलेगा. मुझे देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा और विश्वास है.’ नंदा की वकील ध्रुति कपाडिया ने कहा कि नंदा अपना अंतिम बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस अधिकारियों के सामने पेश हुईं।
►न्यायपालिका के सामने पेश होगी रिपोर्ट
इसके अलावा आलोक नाथ के खिलाफ प्राथमिकी का स्वागत करते हुए कपाडिया ने कहा कि पुलिस अब जांच करके अंतिम निर्णय के लिए मामले को न्यायपालिका के सामने रखेगी। ‘नंदा कल पुलिस के सामने पेश हुई और अपना अंतिम बयान दर्ज कराया. प्राथमिकी दर्ज करने का पुलिस फैसला नंदा के लिए आशा की किरण बनकर आया है और उन्हें लगता है कि उन्हें इतने सालों के बाद न्याय मिल सकता है। गौरतलब है कि आलोक नाथ ने इन आरोपों को खारिज किया था और एक अदालत में शिकायतकर्ता के खिलाफ दीवानी वाद दायर किया था. साथ ही कथित तौर पर मानहानि करने के लिए एक रुपये का हर्जाना मांगा था. नंदा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में आलोक नाथ का नाम नहीं लिया था लेकिन उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में ‘सबसे संस्कारी व्यक्ति’ के नाम से चर्चित व्यक्ति का जिक्र किया था। आपको बता दें कि अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के नाना पाटेकर के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न की शिकायत के कुछ समय बाद नंदा ने अपने पोस्ट में कथित यौन उत्पीड़न का ब्यौरा दिया था. दत्ता की शिकायत के बाद ही भारत में ‘#MeToo’ अभियान चालू हो गया था।