राज्यपाल के हाथों 5 वें योगा प्रोटोकॉल प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन योग प्रशिक्षण को पूरा समय व्यवसाय के रूप स्वीकार करें - राज्यपाल

 17 Jun 2019  494

मुंबई, (17 जून 2019)- योग यह भारत ने पूरे विश्व और मानवतावाद को दी हुई सबसे बड़ा वरदान है। यह निदर्शन में आया है कि संतुलित शरीर, मन और स्वास्थ के लिए योग यह उत्तम है। योग में प्रवीणता और इस विषय में लिया हुआ प्रशिक्षण का उपयोग कर भारतीय योग शिक्षकों ने योग प्रशिक्षण यह पूरा समय व्यवसाय के रूप में स्वीकार करने का आवाहन राज्यपाल सी. विदयासागर राव ने किया। राज्यपाल सी. विद्यासागर राव के हाथों के. सी. महाविद्यालय में पाँचवें योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन किया गया। इस दौरान  मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति प्रा. सुहास पेडणेकर, हैद्राबाद सिंद नेशनल कॉलेजिअेट बोर्ड के ट्रस्टी डॉ. निरंजन हिरानंदानी,  बोर्ड के ट्रस्टी और पूर्व अध्यक्ष अनिल हरीश,  बोर्ड के अध्यक्ष किशु मनसुखानी,  बोर्ड के सचिव दिनेश पंजवानी,  कैवल्यधाम के प्रशासक सुबोध तिवारी,  के. सी. महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. हेमलता बागला, महाविद्यालय के अध्यापक,  छात्र, एनएसएस के छात्र बड़ी संख्या उपस्थित थे।राज्यपाल राव ने कहा कि इस बात की खुशी है की, पिछले पाँच सालों से इस महाविद्यालय में योग दिन का औचित्य साधकर योग विषयक विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। आनेवाले अंतरराष्ट्रीय योग दिन पर राज्य के सबसे बड़े विश्वविद्यालय रहे मुंबई विश्वविद्यालय की ओर से  अधिकाधिक छात्र, योग शिक्षक, अध्यापकों की सहभागिता से योग दिन बड़े उत्साह मनाया जाएगा। अपने गुरुजानों ने जिन्होंने योग विद्या की शोध लगाया है, उसे आत्मसात किया है और उसका उपयोग मनुष्य के जीवनमान ऊंचा करने के लिए  किया है, उनके लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिन मनाना, इस प्रकार से गौरव की बात है।भारत के लिए बहू ही गर्व की बात है कि 21 जून यह अंतरराष्ट्रीय योग दिन सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि न्यूयॉर्क, लंडन, बिजिंग, टोकिओ, दक्षिण अफ्रिका और शेष देशों में भी मनाया जाता है। वर्तमान में अपनी जीवनशैली पूरी तरह बदली है। काम का समय,  खाने की आदतें, काम का तनाव, नींद पूरी न होना, इन सभी के कारण आज हमें तनाव का सामना करना पड़ता है। तनावमुक्त रहने के लिए हम सभी ने अपने जीवनशैली में योग को शामिल करना आवश्यक है, यह राज्यपाल श्री. राव ने अपने भाषण में नमूद किया। राज्यपाल श्री. राव ने अपने भाषण में कहा कि योग यह सिर्फ व्यायाम नहीं है, बल्कि योग से शारीरिक, मानसिक और भावनिक स्वास्थ्य सुदृढ रहता है, यह निदर्शन में आया है और इससे ही आज के नागरिकों को विशेषत: युवाओं को आवाहन करता हूँ की, योग यह अपनी परंपरा है और इस परंपरा को बनाए रखने की ज़िम्मेदारी हम सभी ने लेना आवश्यक है। वर्तमान में भारत की सबसे बड़ी शक्ति युवशक्ति है। आज सबसे युवा जनसंख्या  के देश के रूप में भारत की पहचान है। अगले सालों में भारत की जनसंख्या का सरासरी आयु यह 29 साल होगी, जो अमेरिकन और चीन राष्ट्र के तुलना में 8 साल से कम होगी। आज के युवाओं को निरोगी जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल पर आधारित रोजगार मिलने पर आनेवाले दिनों में भारत को महासत्ता होने से कोई नहीं रोक सकता।