दूध में मिलावट करने पर अब आजन्म कारावास की सजा- गिरीश बापट

 22 Nov 2018  656

मुंबई, (22 नवंबर 2018)- खाद्य पदार्थों में की जानेवाली मिलावट को रोकने और मिलावट करनेवाले व्यक्ति एवं आस्थापना को सबक सीखाने के लिए भारतीय  दंड संहिता, १८६० की धारा २७२ व २७३ में दुरुस्ती करने की ओर ध्यानाकर्षित किया गया है। इसके अनुसार अब इस तरह के मामले अजामीनपात्र व दखलपात्र किए जाएंगे। इसके लिए आजन्म कारावास और जुर्माने की सजा का प्रावधान किया जाएगा, यह खाद्य एवं औषध प्रशासन मंत्री गिरीश बापट ने ध्यानाकर्षित सूचना के जवाब में कहा।

विधान परिषद में ध्यानाकर्षित सूचना का जवाब देते हुए बापट ने बताया कि दूध में मिलावट और खाद्य पर्दार्थों में मिलावट, स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक है। ऐसे मामलों में सरकार अत्यंत संवेदनशील है और खाद्य पदार्थों की मिलावट रोकने के लिए  एवं मिलावट करनेवाले व्यक्ति तथा आस्थापना पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने उपस्थित किए हुये ध्यानाकर्षित सूचना का जवाब देते हुये बापट बोल रहे थे।

बापट ने बताया कि राज्य में १ अप्रैल २०१८ से ३१ अक्टूबर २०१८ तक कुल ६०४ दूध के सैंपल विश्लेषण हेतु लिए गए है और उनमें से ३०२ नमूनों की प्राप्त रिपोर्ट में २१९ नमुने प्रमाणित घोषित हुए है। वहीं ८३ सैंपल कम दर्जे के घोषित हुये है और एक भी सैंपल असुरक्षित नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि कम दर्जे के सैंपल के संदर्भ में कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान हुई चर्चा में सदस्य, हेमंत टकले, डॅा. मनीषा कायंदे ने भी भाग लिया था।