मुंबई, (21 अगस्त 2018)- राज्य के तीर्थस्थलों के स्थानों पर स्वच्छता पर जोर दिया जाए तथा इन स्थलों के लिए मंजूर किया गया निधि घन कचरा व्यवस्थापन, मलनिस्सारण और जलापूर्ति पर अधिकाधिक खर्च करने के निर्देश देते हुए राज्य के छहा ग्रामीण तीर्थस्थलों के लिए कुल 99 करोड़ रुपयों के विकास प्रारूप को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज अनुमति प्रदान की.
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई शिखर समिति की बैठक में टाकलघाट (नागपुर), कपीलधार (बीड), श्रीक्षेत्र राजूर गणपति मंदिर (जालना), आमला (अमरावती), श्रीक्षेत्र कोंडेश्वर (अमरावती), संत गाडगे महाराज जन्मभूमी (शेंडगांव, जि. अमरावती) इन छह ग्रामीण तीर्थस्थलों के विकास प्रारूप को मंजूरी देते हुए सिंधुदुर्ग में बालशास्त्री जांभेकर का स्मारक
तथा हिंदी पत्रकारिता के पितामह बाबूराव विष्णूराव पराडकर का स्मारक निर्माण करने के लिए तत्वत: मंजूरी दी. इस समय ग्रामविकास मंत्री पंकजा मुंडे, सार्वजनिक बांधकाम राज्यमंत्री प्रवीण पोटे-पाटिल,सांसद रावसाहेब दानवे, विधायक रवी राणा, मुख्य सचिव दिनेश कुमार जैन उपस्थित थे.
राज्य के ग्रामीण भागों के तीर्थस्थलों के विकास का जायजा लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि, विकास प्रारूप करते समय घनकचरा व्यवस्थापन का उसमें समावेश होना आवश्यक है. तीर्थस्थलों के स्थानों पर स्वच्छता पर जोर देकर उसका पावित्र्य रखना होगा, ऐसा मुख्यमंत्री ने इस समय बताया.
आज हुई शिखर समिति की बैठक में श्री क्षेत्र विक्तुबाबा देवस्थान, टाकलघाट, जि. नागपुर तीर्थस्थल के लिए पांच करोड़ रुपयों का प्रारूप मंजूर किया गया. श्रीक्षेत्र कपीलधार, जि. बीड (10 करोड़), श्रीक्षेत्र राजूर गणपती मंदिर, राजूर, जि. जालना (24.98 करोड़), श्रीसंत गाडगे महाराज की कर्मभूमी आमला और ऋणमोचन, जि. अमरावती (10.20 करोड़), श्रीक्षेत्र कोंडेश्वर, जि. अमरावती (25 करोड़), संत गाडगे महाराजांची जन्मभूमी, शेंडगाव, जि. अमरावती (18.70 करोड़) आद्य पत्रकार बालशास्त्री जांभेकर का स्मारक, सिंधुदूर्ग (4.55 करोड़). इन तीर्थस्थलों के विकास कामों में रास्ते, दीवार, सौंदर्यीकरण, भक्त निवास, जलापूर्ति, अन्न छत्र सभागृह, सुरक्षा दीवार, स्वच्छता गृह, सभा मंडप सजावट आदि कामों का समावेश हैं.