मुंबई, (28 जून 2018)- राज्य में सार्वजनिक यातायात के लिए पर्यावरणपूरक इंधन (क्लीन फ्युएल) का उपयोग करेंगे, इससे बड़े पैमाने पर प्रदुषण पर रोक लगेगी. विकास के साथ पर्यावरण संवर्धन भी इससे संभव होगा, ऐसा प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज किया.
पेट्रोलियम एंड नैचरल गैस रेग्युलेटरी बोर्ड की 9 वीं सिटी गैस डिस्ट्रीब्युशन (CGD)बिडींग राउंड के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में वह बोल रहे थे. इस समय केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, पेट्रोलियम एंड नैचरल गैस सचिव डॉ. एम. एम, कुट्टी, पेट्रोलियम एंड नैचरल गैस रेग्युलेटरी बोर्ड के अध्यक्ष डी. के. सराफ के साथ केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
इस समय मुख्यमंत्री ने कहा कि, आज हो रही बिडींग राउंडस् का लाभ राज्य को होगा. अब तक राज्य में छह शहरों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्युशन केंद्र उपलब्ध थे, अब और नए नौ शहरों में यह केंद्र शुरू होने के बाद राज्य में कुल 15 जिलों में नैचरल गैस वितरण के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्युशन (cgd)उपलब्ध होंगे. इसका लाभ 56 लाख घरों को और दो करोड़ से अधिक नागरिकों को होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का क्लिन एनर्जी का सपना पूर्ण होने के लिए इससे ताकत मिलेगी.
केंद्र सरकार ने समृद्धि महामार्ग के साथ गैस पाईपलाईन डालने का प्रस्ताव दिया है. इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, समृद्धि महामार्ग के साथ गैस पाईपलाइन डालने के प्रस्ताव के कारण इस प्रकल्प का महत्त्व अधोरेखित होगा. इसके लिए आवश्यक सभी सहयोग राज्य सरकार की ओर से किया जाएगा. दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रीयल कॉरिडॉर के पहले चरण का काम पूर्ण हुआ है. स्टील हब, कोल्ड चेन जैसे प्रकल्प निर्माण हो रहे है, ऐसा उन्होंने कहा.
अनेक राज्यों का आग्रह होते हुए भी देश का ही नहीं बल्कि विश्व का सबसे बड़ा रिफायनरी का प्रकल्प राज्य में निर्माण करने की अनुमति देने पर केंद्र सरकार का मुख्यमंत्री ने आभार माना. देश को आगे ले जानेवाला यह प्रकल्प है, इससे बड़े पैमाने में रोजगार निर्मिती होगी. राज्य की जनता को यह प्रकल्प चाहिए. जिनका इस प्रकल्प को विरोध है उन्हें विश्वास में लेकर, उनके साथ संवाद कर यह प्रकल्प पूर्ण किया जाएगा,ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा.
केंद्र सरकारने इथेनॉल निर्मिती के लिए दी नई योजनाओं का उपयोग कर राज्य में उत्पादन बढ़ाया जाएगा तथा बायो फ्युएल निर्मिती में राज्य उत्तम कार्य करेगा, ऐसा विश्वास भी मुख्यमंत्री ने जताया.
► राज्य के 30 जिलों में पहुंचाएंगे नैचरल गैस : पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
महाराष्ट्र राज्य देश के प्रगति का इंजन है. आगामी चार से पांच सालों में लगभग 30 जिलों में गैस डिस्ट्रीब्युशन केंद्रों (CGD) का निर्माण कर नैचरल गैस पहुँचाया जाएगा, ऐसा पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया. वर्तमान में मुंबई, पुणे, ठाणे, पालघर, रायगड, रत्नागिरी, सोलापुर, कोल्हापुर में ऐसे केंद्र हैं. अगले चरण में अहमदनगर, औरंगाबाद, धुलिया, नाशिक, लातूर, उस्मानाबाद, सिंधुदुर्ग, सांगली और सातारा में केंद्र शुरू होंगे, ऐसा उन्होंने बताया.
प्रधान ने कहा, समृद्धि महामार्ग राज्य की दृष्टी से महत्वाकांक्षी प्रकल्प है. इस प्रकल्प से सामाजिक और आर्थिक प्रगति संभव होगी. इस प्रकल्प के साथ नैचरल गैस लाइन डाली जाने से नागपुर और विदर्भ के जिलों में भी गैस आपूर्ति संभव होगी, ऐसा उन्होंने कहा.
ऑटोमोबाईल सेक्टर में वैकल्पिक इंधन के उपयोग पर जोर देने की आवश्यकता है, ऐसा भी श्री. प्रधान ने कहा. उन्होंने कहा, डीजल पर चलनेवाले जनरेटर के लिए भी वैकल्पिक इंधन का उपयोग करें. गन्ने की खोई से तैयार होनेवाल इथेनॉल को भी बड़ी मांग है. अब गन्ने के रस से भी इथेनॉल बनाने के लिए अनुमति दी गई है. रास्त और किफायती भाव (एफ आर पी) के साथ जोड़कर दो सालों के लिए यहीं भाव निश्चित करने की अनुमति दी गई है.
प्रत्येक गाँवों में डीजल पंप, आटा चक्की को वैकल्पिक इंधन पर चलाया जाना चाहिए. भारत वर्तमान में इंधन उपयोग में विश्व में तीसरे नंबरपर है. आगामी बीस सालों में विश्व में सर्वाधिक इंधन का उपयोग करनेवाला देश भारत होगा, ऐसा भी उन्होंने बताया.