मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में जल परिषद की बैठक में निर्णय

 23 Jun 2018  510

राज्य की पांच नदी घाटियों के जल प्रारूप को मंजूरी

 - नदी घाटियों का प्रारूप तैय्यार करनेवाला महाराष्ट्र पहला राज्य

- कोंकण की नदियों के पानी  उपयोग का नियोजन करने के मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

 

मुंबई , (22 जून 2018)- राज्य की महत्त्वपूर्ण कृष्णा, तापी, नर्मदा, पश्चिम वाहिनी नदियां और महानदी घाटियों के एकात्मिक राज्य जल प्रारूप को आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में राज्य जल परिषद की पांचवी बैठक में मंजूरी दी गई. राज्य की सभी घाटियों का एकत्रित एकात्मिक जल प्रारूप करने का काम 15 जुलाई तक पूर्ण करने के निर्देश मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस ने इस समय दिए.

सह्याद्री अतिथि गृह में हुई परिषद की बैठक को परिषद के उपाध्यक्ष तथा जलसंपदा मंत्री गिरीष महाजन, उद्योग मंत्री सुभाष देसाई आदि उपस्थित थे.

राज्य में  गोदावरी, कृष्णा, तापी, नर्मदा, पश्चिम वाहिनी नदियां और महानदी आदि छह घाटियों का अभ्यास कर स्वतंत्र रूप से जल प्रारूप तैयार किए है. इसमें से गोदावरी के घाटी के जल प्रारूप को 30 नवंबर 2017 को अनुमति प्रदान की गई थी. बाकी पांच प्रारूपों का प्रस्तुतिकरण आज परिषद की बैठक में किया गया. इन सभी घाटियों का एकात्मिक जल प्रारूप मंजूर होने तक सभी घाटी निहाय प्रारूप पर अमल करने के लिए आज की बैठक में मंजूरी प्रदान की गई. जल प्रारूप मंजूर होने से सिंचाई प्रकल्प पूर्ण होने के लिए मदद होगी.

इस समय मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस ने कहा, राज्य जल परिषद और जलसंपदा विभाग ने राज्य की नदी घाटियों के प्रारूप तैयार कर ऐतिहासिक काम किया है. नदी घाटियों का प्रारूप तैयार करनेवाला महाराष्ट्र पहला राज्य है. कृष्णा घाटी के पानी का उचित नियोजन करने और सभी शहरों को आगामी तीन सालों में गंदे पानी का पुन:र्वापर करने की सूचना दी जाए, ऐसे निर्देश उन्होंने दिए.

कोंकण क्षेत्र में नदी घाटी के पानी का नियोजन करने के लिए भविष्य में नवीनतापूर्ण पद्धति का उपयोग करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने इस समय दिए. 

जल संपत्ति नियामक प्राधिकरण के श्री. कुलकर्णी, जलसंपदा विभाग के प्रधान सचिव रा. वा. पानसे, सचिव (लाभक्षेत्र विकास) अ. वा. सुर्वे, मेरी के महासंचालक आर.आर. पवार आदि इस समय उपस्थित थे. 

 

प्रमुख विशेषताएं

 

·         छह घाटियों के नदियों के जल प्रारूप तैयार करनेवाला महाराष्ट्र पहला राज्य

·         एकात्मिक राज्य जल प्रारूप 17 जनवरी 2015 की पहली बैठक में प्रत्येक घाटी का प्रारूप तैयार करने को बढ़ावा

·         गोदावरी घाटी के प्रारूप को 30 नवंबर 2017 की बैठक में मंजूरी

·         जल प्रारूप में कुल 19 मामलों का समावेश

·         उप घाटियों की जानकारी, भूपृष्ठीय शैल स्थिति, जमीन की जानकारी, नदी घाटियों की संरचना, भूपृष्ठ जल एवं भूजल की स्थिति, जल संपत्ति विकास आंतर घाटी पानी, सिंचाई विकास एवं व्यवस्थापन, जलस्त्रोत का व्यवस्थापन, गंदा पानी पुनर्वापर आदि मुद्दों का प्रारूप में समावेश