जिन छात्रों के परिजनों की वार्षिक आय ८ लाख रूपए से कम है ऐसे छात्रों से आधा शुल्क लेकर ही उन्हें प्रवेश दिया जाए
22 Jun 2018
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►राज्य सरकार ने दी महाविद्यालयों को सूचना
मुंबई, (22 जून 2018)- कृषि, चिकित्सा एवं अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए सन २०१८-१९ सत्र में प्रवेश लेनेवाले जिन छात्रों के परिजनों की कुल वार्षिक आय ८ लाख रूपए से कम है, ऐसे छात्रों के शिक्षा शुल्क में ५० फीसदी रकम राजर्षी छत्रपति शाहू महाराज शिक्षा शुल्क छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत राज्य सरकार की ओर से दी जाती है। इसलिए महाविद्यालयों ने प्रवेश के समय ऐसे छात्रों से निश्चित किए गए शुल्क में से सिर्फ ५० प्रतिशत रकम लेकर ही उन्हें प्रवेश देने के निर्देश राज्य सरकार ने राज्य के सभी संबंधित शिक्षा संस्थाओं को दिए है। साथ ही ५० फीसदी शिक्षा शुल्क लेकर प्रवेश नहीं देनेवाले तथा छात्रों से अधिक शुल्क लेनेवाले शिक्षा संस्थाओं पर कड़ी कार्रवाई करने की सूचना भी विभाग ने तकनीकी शिक्षा संचालकों को दी है।
कृषि, चिकित्सा एवं अन्य विविध पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश लेनेवाले जिन छात्रों के परिजनों की कुल वार्षिक आय ८ लाख रूपए से काम है, उन विशेषतः मराठा समाज के छात्रों के लिए राज्य सरकार ने राजर्षी छत्रपति शाहू महाराज शिक्षा शुल्क छात्रवृत्ति योजना शुरू की है।इस योजना में छात्रों के शिक्षा शुल्क की ५० फीसदी रकम राज्य सरकार की ओर से दी अदा की जाएगी और यह रकम संबंधित महाविद्यालय/तकनीकी शिक्षा संस्थान को डीबीटी के द्वारा दी जाएगी। ऐसे छात्रों को प्रवेश देते समय शिक्षा शुल्क की सिर्फ ५० फीसदी रकम लेकर ही उन छात्रों को प्रवेश देने के संदर्भ में महाविद्यालयों को इसके पूर्व ही सूचना दी गई है। लेकिन कुछ संस्थाएं और महाविद्यालय छात्रों को प्रवेश नहीं देने की शिकायतें आने से उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने पत्रक जारी करके सभी महाविद्यालयों को सूचना देने के निर्देश तकनीकी शिक्षा निदेशालय को दिए है।
राजस्व मंत्री तथा मराठा आरक्षण विषयक समिति के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि विविध ६०५ पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेनेवाले जिन छात्रों के परिजनों की कुल वार्षिक आय ८ लाख रूपए से कम है ऐसे छात्रों की शिक्षा शुल्क की ५० फीसदी रकम राज्य सरकार की ओर से अदा किए जाने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। साथ ही छात्रों को सुविधाएं मिले इसके लिए पाठ्यक्रम में प्रवेश लेते समय ५० फीसदी शुल्क भरके प्रवेश देने की सूचना भी समय-समय पर दी गई है। लेकिन कुछ महाविद्यालय छात्रों को प्रवेश नहीं देने की शिकायतें आई है। राजर्षी छत्रपति शाहू महाराज छात्रवृत्ति योजना के लिए पात्र छात्रों से शिक्षा शुल्क की ५० फीसदी रकम लेकर ही उन्हें महाविद्यालयों में प्रवेश दिया जाएँ अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।