प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 26 हजार 54 किमी का सड़क काम पूरा - मंत्री पंकजा मुंडे

 11 Jun 2018  437

मुंबई, (11 जून 2018)- प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत, 2 हजार 618 किलोमीटर लंबी   सड़कों  को मंजूरी दे दी गई है। उनमें से 2,401 किमी लंबाई की  सड़क  अप्रैल 2018 तक पूरी हो चुकी है। प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना, भाग 1 और 2 के तहत, 26 हजार 54 किमी सड़क का कुल कार्य अब तक पूरा हो चुका है। 2018-19 के  वित्तीय वर्ष के लिए 60 प्रतिशत (300 करोड़)  की केंद्र का हिस्सा  और 40 प्रतिशत (200 करोड़ )  राज्य का हिस्सा है, इस साल के लिए केंद्र  सरकार द्वारा 500 कि मी की सड़कोसड़कों के माध्यम से   60 बस्तियों को  जोड़ने का   लक्ष्य रखा गया है , ग्रामीण विकास और महिला बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा।

केंद्र सरकार द्वारा पुरस्कृत ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन ,  ,प्रगति व नियंत्रण करने के लिए  राज्यस्तरीय दक्षता व संनियंत्रण समिति कार्य कर रही है ।   इस समिति की   बैठक सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित की गई था । इसी अवसर पर श्रीमती मुंडे बोल रही थीं ।

इस अवसर पर  ग्रामविकास राज्यमंत्री दादाजी भुसे, सांसद राजू शेट्टी,ग्रामविकास विभाग के सचिव असिम गुप्ता, (मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना) ग्रामविकास विभाग सचिव वी. आर. नाईक, महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण जीवनोन्नति अभियान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर. विमला,जमा बंदी आयुक्त एस. चोक्कलिंगम व वरिष्ठ अधिकारी तथा समिति के सदस्य   उपस्थित थे ।

इस अवसर पर श्रीमती मुंडे ने कहा कि  , महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत    1 अप्रैल  2018 से मजदूरी  दर 203 रुपये कर दी गई  जो 15 दिवस के अंदर बैंक अथवा पोस्ट के द््वारा  मजदूरों को प्रदान की जाती  है ।  इस योजना के अंतर्गत   36 हजार 649 काम शुरू हैं जिनके लिए   4 लाख 79 हजार 122  मजदूर उपस्थित हैं ।   4 लाख 94 हजार 298 काम शेल्फ पर   हैं जिनकी मजदूर क्षमता 1219.47 लाख है ।  सन 2017-18 में राज्य कुल 2 लाख 19 हजार 916  विभिन्न  प्रकार के काम पूरे किये गये हैं ।   सन 2018-19 में अब तक  19 हजार 104  काम पूर्ण हो गए हैं । सन 2017-18  वर्ष में  825.32 लाख मानव दिन  निर्माण  हुए थे।  सन 2018-19 में अब तक 107.92 लाख  मानव दिन  निर्माण  हुए हैं । इस योजना के अंतर्गत  सन 2017-18  वर्ष में कुल 2300.34 करोड़ रुपये का   खर्च हुआ तथा   सन 2018-19 में अब तक  292.81 करोड़  का  खर्च किया गया है ।

केंद्र सरकार के संशोधित   मार्गदर्शक तत्वों के अनुसार  राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के  मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण व्यक्ति  को रसोई के लिए तथा घरेलू उपयोग के लिए  शुद्ध व पर्याप्त  जल आपूर्ति हर समय व सभी परिस्थितियों में उपलब्ध  किया जाना चाहिए ।   सन 2018-19  वर्ष के लिए  1 हजार 722 गाँव , वाड़ियों के लिए  पेयजल का प्रारूप तैयार किया गया है । इसके  बारे में केंद्र सरकार के स्तर पर प्रस्तुतीकरण किया गया । चालू वर्ष के लिए केंद्र  के हिस्से के अंतर्गत  470.99 करोड़  व राज्य के हिस्से के अंतर्गत  623 करोड़  खर्च  निश्चित किया गया है ।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्ध  निवृत्ति वेतन योजना के अंतर्गत   राज्य सरकार के द्वारा 400 रुपये तथा केंद्र सरकार की ओर से  200 रुपये इस प्रकार कुल  600 रुपये वृद्ध निवृत्ति वेतन मिलता है । इस निवृत्ति वेतन  में वृद्धि  करने के लिए सरकार  सकारात्मक है , ऐसा उन्होंने  कहा ।