बड़ी स्वयंसेवी संस्थांएं गावों को गोद लेकर गाँव की जनसंख्या के अनुसार वृक्षारोपण करें - सुधीर मुनगंटीवार
07 May 2018
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मुंबई, (7 मई 2018)- राज्य की बड़ी स्वयंसेवी संस्थांओं ने उनके परिसर एवं समीपस्थ गावों को गोद लेकर गाँव की जनसंख्या के अनुसार वृक्ष लगाकर वह पूरा गाँव हरा-भरा करने का आवाहन वनमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने सह्याद्री अतिथिगृह में स्वयंसेवी संस्थांओं प्रतिनिधिओं के साथ हुई बैठक में कहा। बैठक में वन विभाग के सचिव विकास खारगे, वरिष्ठ वनाधिकारी और स्वयंसेवी संस्थांओं के प्रतिनिधि समेत ग्रीन थम, पुणे, रिवर मार्च, ग्रीन यात्रा, स्वप्नं याना फाउंडेशन, अम्मा केअर फाउंडेशन, हरियाली, संस्कृति फाउंडेशन संस्थांओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।बैठक में वनमंत्री ने कहा कि पेड़, वन्यजीव संरक्षण एवं संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण में कोई अन्य व्यक्ति कौन-सा काम कर रहा है इस पर भाष्य करने के बजाय हम इसमें किस प्रकार योगदान दे सकते, इस पर प्रत्येक व्यक्ति ने विचार करने की आवश्यकता है। ‘सुरज ना बन पाए तो बनके दीपक जलता चल’ जैसी भावना प्रत्येक व्यक्ति में होनी चाहिए। लोग पर्यावरण संरक्षण में वैयक्तिक एवं सामुहिक रूप से भाग ले सकते है। इसके लिए सरकार की ओर से विविध प्रकार का मंच उपलब्ध किया गया है।ग्रीन आर्मी, हैलो फॉरेस्ट 1926, महा फॉरेस्ट फेसबूक पेज, यु ट्युब चैनल, इन्स्टाग्राम जैसे विविध समाज माध्यमों में वन विभाग सक्रिय है और लोग इन माध्यमों के द्वारा ही वृक्षरोपण एवं पर्यावरण संरक्षण का कार्य सरकार की ओर पंजीयन कर सकते है। वृक्षरोपण मुहिम में सूचना एवं तकनीकि का उपयोग करने पर कौन-सा वृक्ष किस जगह पर लगाया गया है, इसे ट्रैक करना संभव हुआ है। यह जानकारी वन विभाग के वेबसाइट पर उपलब्ध की गई है।उन्होंने बताया कि स्वयंसेवी संस्थाएं वन विभाग से त्रिपक्षीय करार करके वनसंवर्धन के कार्य में सहयोग कर रही है और जो संस्थाएं इस मुहिम में भाग लेने के लिए इच्छुक है उन्हें राज्य में वृक्षरोपण के लिए उपलब्ध भूमि की जानकारी सूचना पुस्तिका में उपलब्ध की गई है। यह जानकारी पब्लिक डोमेन से भी उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने कहा कि ‘मेरा नाम पेड़ काटनेवाले हाथो में नहीं तो पेड लगानेवाले हाथों मे आना चाहिए, आग लगानेवाले नहीं तो आग बुझानेवाले हाथों में आना चाहिए’ ऐसा हम सभी को लगना चाहिए। ऐसा होने पर पर्यावरण का संरक्षण करना संभव होगा और एक सुंदर पृथ्वी हम अपनी अगली पीढ़ि को दे सकेंगे।जन्म से मृत्यू तक कई कारणों से एवं कई घटनाओं में वृक्ष मनुष्य के साथ होते है और मनुष्य की रक्षा करते है। उस वृक्षसंपदा के अस्तित्व के लिए जंगल एवं वृक्षों का संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। यह संदेश स्वयंसेवी संस्थाएं उनके कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों तक पहुंचा सकेंगे।वन सचिव विकास खारगे ने पिछले दो साल के वृक्षरोपण संबंधित अनुभव में साझा किया और स्वयंसेवी संस्थांओं का महत्व बताया। साथ ही हरित महाराष्ट्र मिशन में ग्रीन आर्मी के माध्यम से सहभागी होने की अपील की। कार्यक्रम स्थल पर ग्रीन आर्मी के सदस्यता के लिए स्टॉल लगाएँ गए थे। बैठक में उपस्थित स्वयंसेवी संगठन के प्रतिनिधियों ने वृक्षरोपण में पिछले दो साल में किया गया कार्य एवं भविष्य का नियोजन संबंधित जानकारी दी। साथ ही वृक्षरोपण मुहिम की सफलता के लिए क्या करना चाहिए? इस पर अपने विचार एवं मत व्यक्त किए।बैठक में वन विभाग की ओर से ग्रीन आर्मी और वृक्षरोपण कार्यक्रम का प्रात्यक्षिक प्रस्तुत किया। विभाग ने बैठक में आएं प्रत्येक व्यक्ति का कोरफड, तुलसी का पौधा देकर स्वागत किया।