जालना, (04 मई 2018)- देश के सर्वोत्तम इंडस्ट्रीयल पार्क के रूप में शेंद्रा-बिडकीन का उदय हो रहा है. जालना में ड्रायपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है. इस ड्रायपोर्ट से मराठवाड़ा के उद्योजक उनके माल को सहजता के साथ आयात और निर्यात कर सकेंगे. समृद्धी महामार्ग के माध्यम से यह माल कम समय में जेएनपीटी तक पहुंचने में मदद होगी. इससे उद्योजकों के आर्थिक उपज में भी बढ़ोतरी होगी. इस कारण उद्योग क्षेत्र में आगामी मॅग्नेट औरंगाबाद और जालना रहेगा, ऐसा प्रतिपादन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा।सिरसवाड़ी में रासायनिक तकनीकी संस्था के उपकेंद्र का भूमिपूजन मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों किया गया। इस समय वृंदावन हॉल में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए वह बोल रहे थे।इस अवसर पर राज्य के जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री तथा जिले के पालकमंत्री बबनराव लोणीकर, पशुसंवर्धन, दुग्धविकास, वस्त्रोद्योग राज्यमंत्री अर्जुन खोतकर, जिला परिषद के अध्यक्ष अनिरुद्ध खोतकर, सांसद रावसाहेब दानवे, कुलगुरु डॉ. जे. डी. यादव, विधायक संतोष दानवे, विधायक नारायण कुचे, विभागीय आयुक्त पुरुषोत्तम भापकर, प्रभारी जिलाधिकारी पी. बी. खपले, नगराध्यक्ष संगीता गोरंट्याल, पूर्व विधायक कैलास गोरंट्याल, अरविंद चव्हाण, रामेश्वर भांदरगे, भास्कर दानवे आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, भविष्य में भारत और प्रगत राष्ट्र निर्मिति का विचार करते समय महाराष्ट्र की प्रगति में विदर्भ, मराठवाड़ा, उत्तर महाराष्ट्र के पिछड़े भागों तक जब तक विकास नहीं होगा, तबतक सही मायने में महाराष्ट्र का विकास नहीं होगा. प्रगति में मानव संसाधन का बड़ा महत्व है, जिसके बगैर विकास होना असंभव है. पुणे जैसे शहर में बड़े-बड़े शैक्षिक संस्थाएं आई. वहां पर मानव संसाधनों की निर्मिति होकर पुणे शहर विद्यानगरी का उद्योगनगरी बन पाया. अपने जीवन में आवश्यक प्रत्येक चीज में आवश्यक प्रयोगशिलता निर्माण करने की शक्ति रासायनिक तकनीकी में हैं. इस विद्यालय से उत्तीर्ण होकर बाहर निकलनेवाला एक भी छात्र रोजगार से वंचित नहीं रहा है, ऐसा मुख्यमंत्री ने इस समय बताया।
रासायनिक तकनीकी क्षेत्र में मानव संसाधनों की बड़े पैमाने में कमी है. मानव संसाधन की मांग के अनुसार भी आपूर्ति नहीं की जा रही है. इस क्षेत्र में मानव संसाधन तैयार होने पर कई बड़े उद्योगों को आकर्षित करना संभव होगा. रासायनिक तकनिकी संस्था केवल रोजगार देनेवाली संस्था नहीं है. इस संस्था के माध्यम से कई उद्योजक और संशोधक निर्माण होंगे, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस समय जताया।
उन्होंने कहा, मराठवाडा के विकास पर जोर दिया जा रहा है. लातूर जैसे जिले में जलयुक्त शिवार अभियान के माध्यम से पानी की व्यवस्था निर्माण की है. महाराष्ट्र का सबसे बड़ा रेलवे कोच कारखाना लातूर में खड़ा किया जा रहा है. खेती, उद्योग क्षेत्र में आनेवाले समय में अविश्वसनीय बदलाव दिखाई देगा. विश्व बैंक की सहायता से 6 हजार करोड़ रुपयों के नानाजी देशमुख कृषी संजीवनी प्रकल्प 4 हजार गांवों में चलाया जाएगा. जालना में सीडपार्क का निर्माण किया जा रहा है। इसके माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार की निर्मिति होगी. रासायनिक तकनीकी का इस सीडी पार्का को बड़ा लाभ होगा. जालना जिले के विकास के लिए कभी भी निधि की कमी नहीं कि जाएगी, ऐसा आश्वासन भी मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस समय दिया।पालकमंत्री लोणीकर ने कहा, जालनावासियों के लिए आज का दिन अत्यंत आनंददायी है. मराठवाड़ा के किसानों, गरीबों के बच्चों को अच्छे दर्जे की शिक्षा मिलें इसके लिए रासायनिक तकनीकी विद्यालय सतत प्रयासों से मंजूर हुआ है। जालना जिले के विकास के लिए 5 हजार 334 करोड़, सड़क विकास के लिए 7 हजार करोड़ रुपयों का निधि प्राप्त हुआ है. इसके माध्यम से अनेकविध काम किए जा रहे हैं. छत्रपति शिवाजी महाराज किसान सम्मान योजना के माध्यम से जालना जिले के किसानों को 900 करोड़ रुपयों की कर्जमाफी की गई हैं. जिसके लिए 600 करोड़ रुपयों की रकम किसानों के खातों पर जमा की गई हैं. जलयुक्त शिवार अभियान के माध्यम से जिले में 500 बांधों की निर्मिति करने के साथ नदी पुनरुज्जीवन भी किया गया है. मराठवाड़ा की जनता को शुद्ध एवं स्वच्छ पानी आपूर्ति करने के लिए मराठवाड़ा वॉटरग्रीड योजना साकार की जा रही है, ऐसा भी पालकमंत्री लोणीकर ने इस समय बताया।राज्यमंत्री खोतकर ने कहा, रासायनिक तकनीकी उपकेंद्र जालना में हो रहा है जो कि जालनावासियों के लिए यह सौभाग्य की बात है। पिछले समय में मुख्यमंत्री फडणवीस के माध्यम से जालना जिले में विकास के लिए बड़े पैमाने पर निधि उपलब्ध करवाया है। जालना शहर में भूमिगत नालियों की योजना करने की मांग खोतकर ने इस समय की।
सांसद दानवे ने कहा, सिरसवाड़ी में निर्माण किए जानेवाले रासायनिक तकनीकी उपकेंद्र के लिए 203 एकड जमीन उपलब्ध करवाई है। इसके लिए 397 करोड़ रुपयों का निधि मंजूर किया गया है, साथ ही121 शिक्षक और 128 शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के पद भी मंजूर किए गए हैं. छात्रों को अब उच्च शिक्षा के लिए मुंबई जाने की जरूरत नहीं है. जालना में रासायनिक तकनीकी उपकेंद्र के माध्यम से अच्छे दर्जे की तथा रोजगार देनेवाली शिक्षा ले सकते है. रासायनिक तकनीकी संस्था ने कई उद्योजक निर्माण किए है. मराठवाड़ा के जालना जिले के विद्यार्थियों ने इन उद्योजकों का आदर्श लेकर केवल रोजगार पाने के लिए ही नहीं बल्कि उद्योजक बनने की दिशा में प्रयास करने चाहिए, ऐसी अपेक्षा उन्होंने व्यक्त की।
इस समय रासायनिक तकनीकी संस्था की जानकारी देनेवाले पुस्तिका का मान्यवरों के हाथों विमोचन किया गया।कार्यक्रम में पदाधिकारी, अधिकारी, उद्योजक, छात्र-छात्राएं, पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित थे।