मुंबई में इंटेलिजेन्स ट्रैफिक मैनजेमेंट सिस्टम; राज्य में भी करेंगे शुरुवात- - मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
23 Apr 2018
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मुंबई, (23 अप्रैल 2018)-सुचारू यातायात के लिए यातायात नियोजन हेतु आधुनिक तकनीक का जोड़ देने के लिए मुंबई में इंटेलिजेन्स ट्रैफिक मैनजेमेंट सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है. मुंबई के बाद इस यंत्रणा को राज्यभर चलाए जाने की घोषणा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज की।परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस विभाग, मुंबई की ओर से आयोजित सड़क सुरक्षा सुरक्षा पखवाड़े का उद्घाटन मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों तथा परिवहन मंत्री दिवाकर रावते, सांसद अरविंद सावंत की प्रमुख उपस्थिति में हुआ।फडणवीस ने कहा, विगत तीन सालों में राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई हैं. लेकिन दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए और सुधार लाया जा सकता है। परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस द्वारा और अधिक प्रयास और जनजागृति तथा नित-नए उपक्रम चलाने होंगे. सीसीटीवी नेटवर्क, ई- चालान उपक्रम के कारण अनियमित यातायात पर कार्रवाई करना आसान हुआ है, साथ ही अनियमित यातायात करनेवाले लोग सकते में आए हैं. कानून का अमल करने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग होने के कारण बड़े पैमाने पर बदलाव दिखाई दे रहे हैं।ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स के माध्यम से लोगों की आदतें, आपराधिक मामले, यातायात का अभ्यास कर उसका विश्लेषण कर व्यवस्था निर्माण की जा रही हैं. इसके लिए प्रायोगिक तौर पर मुंबई में चलाई जा रही इंटेलिजेन्स ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से सड़क पर यातायात का निरीक्षण कर नियोजन किया जाएगा. इससे ट्रैफिक जैम, दुर्घटना टालना संभव हो रहा है. यह सिस्टम अब जल्द ही संपूर्ण राज्य में चलाई जाएगी. इंटेलिजेन्स ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से पुणे शहर में यातायात सुधारने में अधिक मदद होगी, ऐसा फडणवीस ने बताया।फडणवीस ने कहा, मुंबई में बड़े पैमाने पर ट्रैफिक होने के बावजूद यहाँ के नागरिकों द्वारा उचित तरीके से नियमों का पालन किए जाने से कम परेशानी होती है। वाहनचालकों पर कार्रवाई के साथ नियमों के संबंध में लोगों का प्रबोधन, जनजागृति होना आवश्यक है. नागरिकों के साथ बच्चों के यातायात विषयक शिक्षा के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रहा है. परिवहन विभाग द्वारा चलाए गए ‘नो हॉकिंग’ उपक्रम से बड़े पैमाने पर जनजागृति हो रही है. यह एक जनआंदोलन हो रहा है।अनियमित रास्ते और इंजीनियरिंग क्षेत्र के विकास के लिए बड़े पैमाने पर निधि दिया जा रहा है।नागपुर-मुंबई समृद्धी महामार्ग पर झिरो दुर्घटना के लिए स्मार्ट इंटेलिजन्स यंत्रणा तैयार की जाएगी. साथ ही पुणे- मुंबई महामार्ग पर भी यह सिस्टम निर्माण किया जाएगा. सड़क सुरक्षा पखवाड़ा केवल मनाए ही नहीं बल्कि इससे सुरक्षित यात्रा के लिए जनप्रबोधन और जागृति करने के लिए सभी नागरिकों ने एकत्रित आकर प्रयास करने का आवाहन भी फडणवीस ने किया।परिवहन रावते ने कहा, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए परिवहन विभाग और यातायात विभाग काम कर रहा है. वाहन सड़क पर आने से पहले ही तकनीकी के दृष्टि से सक्षम हो इसके लिए तकनीकी रूप से वाहन जांच करनेवाली स्वचलित यंत्रणा परिवहन विभाग की ओर से खड़ी की जा रही हैं. साथ ही ट्रेनी वाहनचालकों के लिए संपूर्ण ऑनलाईन सिस्टम राज्य के परिवहन कार्यालयों में खड़ी की गई है. परिवहन विभाग सक्षम रूप से काम करते हुए नई पद्धतियों का अवलंब कर रहा है. राज्य में बड़े पैमाने पर सड़क सुरक्षा निधि जमा हुआ है। राज्य में कुल 3 करोड़ 28 लाख वाहनों का पंजीयन हुआ है।मुंबई-पुणे जैसे शहरों में 36 लाख वाहनों का पंजीयन होना चिंता की बात है। इससे मुंबई जैसे शहर में पार्किंग की समस्या निर्माण हो रही है। पार्किंग की व्यवस्था निर्माण न होने तक इस समस्या से निजात पाना कठिन है. इस समस्या पर निजात पाने की दृष्टि से मुख्यमंत्री महोदय द्वारा पहल की गई है. राज्य में बड़े पैमाने पर सड़क के काम हुए है।सड़क दुर्घटना टालने के लिए यातायात पुलिस बड़े पैमाने पर उपाययोजन कर रहे हैं. इस दृष्टि से और प्रयास होने आवश्यक है, ऐसा भी रावते ने कहा।गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव सुधीर श्रीवास्तव, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव मनोज सौनिक, मुंबई के पुलिस आयुक्त दत्ता पडसलगीकर, पुलिस सह आयुक्त (यातायात) अमितेश कुमार, परिवहन आयुक्त शेखर चन्ने आदि इस समय उपस्थित थे। इस समय फडणवीस, परिवहन रावते ने सड़क सुरक्षा जनजागृति फलक पर हस्ताक्षर कर इस मुहिम में सहभाग दर्ज किया।पुलिस सह आयुक्त अमितेश कुमार ने प्रस्ताविक में यातायात विभाग की ओर से चलाए जानेवाले उपक्रमों की जानकारी दी।