अन्ना का अनशन अभी नहीं होगा खत्म, मीडिया प्रभारी ने ऐसी खबरों को बताया 'भ्रामक'
27 Mar 2018
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महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने सोमवार को अन्ना हजारे से मुलाकात करने के बाद यह विश्वास जताया था कि आंदोलन समाप्त हो जाएगा.
नई दिल्ली, (27 मार्च 2018)- मीडिया में ऐसी खबरें आ रही थीं कि दिल्ली में अन्ना हजारे का आंदोलन मंगलवार को खत्म हो सकता है, मगर अब इन खबरों का खंडन कर दिया गया है और यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यह आंदोलन अभी खत्म नहीं होगा। अन्ना हजारे के आंदोलन के नेशनल कोर टीम के मेंबर और मीडिया प्रभारी प्रताब चंद्रा ने यह साफ कर दिया कि मीडिया में आंदोलन को लेकर जो खबरें चल रही हैं, वह भ्रामक है, बता दें कि महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने सोमवार को अन्ना हजारे से मुलाकात करने के बाद यह विश्वास जताया था कि आंदोलन समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि 'सभी मीडिया बंधुओं को अवगत कराना है कि कुछ मीडिया में भ्रामक खबर चल रही है कि अन्ना जी का अनशन आज ख़त्म हो सकता है, ये पूरी तरह से भ्रामक है। स्पष्ट कर दूं कि सरकार के प्रतिनिधि के रूप में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री श्री गिरीश महाजन आये थे। बातचीत में अन्ना जी नें स्पष्ट किया गया है कि अस्वासन से अनशन नहीं ख़त्म होगा। 11 बिन्दुओं पे निर्णय तिथि अनुसार लिखित देने पर राष्ट्रीय कोर टीम के बैठक में फैसला लिया जायेगा। आप सबसे अनुरोध है कि भ्रामक ख़बरें न चलायें, ये समाजहित में नहीं होगा। सादर धन्यवाद.'
केंद्र की मोदी सरकार की तरफ से अन्ना हजारे से बातचीत के लिए मध्यस्थता कर रहे महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने सोमवार को अन्ना हजारे से करीब एक घंटा बातचीत की. आंदोलन शुरू होने के बादपहली बार सरकार की तरफ से कोई हजारे से मिलने के लिए आया।गिरीश महाजन ने कहा कि अन्ना हजारे की 11 मांगें हैं जिनमें से ज़्यादातर पर काम हो रहा है, सरकार पॉजीटिव है। उन्होंने कहा था कि ''मुझे लगता है कल तक बाकी के मुद्दों पर संबंधित मंत्रियों से चर्चा करके अनशन खत्म हो जाएगा। कल दोपहर या शाम तक सब हो जाना चाहिए. अन्ना भी मान लेंगे, मुझे ऐसा लगता है.'।
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का आज पांचवा दिन है, उनके सहयोगी ने उनका वजन चार किलोग्राम घटने का दावा किया है। हजारे के करीबी दत्ता अवारी के मुताबिक उनका ब्लड प्रेशर सामान्य है।अन्ना हजारे केन्द्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 23 मार्च से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। उनके 2011 के आंदोलन के कारण लोकपाल एवं लोकायुक्त कानून 2013 पारित हुआ था लेकिन केंद्र ने अब तक लोकपाल की नियुक्त नहीं की है। इस बार हजारे सरकार से किसानों के लिए बेहतर न्यूनतम समर्थन दामों की भी मांग कर रहे हैं।