पुस्तकों में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं- शिक्षामंत्री विनोद तावडे
14 Feb 2018
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मुंबई, (14 फरवरी 2018)- महाराष्ट्र के शिक्षामंत्री विनोद तावड़े ने आज साफ शब्दों में स्पष्ट किया कि राज्य में विद्यार्थियों के पढ़ने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से खरीदी गई अतिरिक्त पुस्तकों में कोई भी आपत्तिजनक सामग्री नहीं है। तावड़े ने आज मंत्रालय के हाल में आयोजित पत्रकार परिषद साफ किया कि स्कूल शिक्षा विभागा के भारतीय विचार साधना से जो भी अतिरिक्त किताबें खरीदी हैं, उन पुस्तकों में कोई भी आपत्तिजनक सामग्री नहीं है।
तावडे ने इस अवसर पर कहा, भारतीय विचार साधना से स्कूल शिक्षण विभाग ने बाल-नचिकेत और महर्षि अत्री जैसी पुस्तकों की खरीदी की है। भारतीय विचार साधना की ओर से स्कूल शिक्षा विभाग को आपूर्त की गई इन पुस्तकों में कोई भी आपत्तिजनक सामग्री नहीं है। चार रंग छपाई व आर्टपेपर से पुस्तक की कीमत 50 रुपये हुई। भारतीय विचार साधना से खरीदी गई इन पुस्तक की कीमत 50 रुपये है, और यह कीमत निविदा में दर्ज की गई थी। 50 रुपये की दर से खरीदी गई इन पुस्तकों की छपाई चार रंग में हुई है और इसका आकार बड़ा है। जबकि 20 रुपये की दर की पुस्तकें ब्लैक ऐंड ह्वाइट और छोटे आकार की हैं। भारतीय विचार साधना की ओर से भेजी गई इन पुस्तकों को आर्ट पेपर पर छापा गया है। इस कीमत में कागज,चार रंग छपाई,यातायात जैसे खर्च शामिल हैं। स्कूल के विद्यार्थियों के लिए पाठ्यपुस्तकों के साथ अतिरिक्त पठन के लिए स्कूल शिक्षा की ओर से कुछ अलग पुस्तकों की खरीदी की गई है। विद्यार्थियों के संर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर इन किताबों की खरीदी की गई है। विद्यार्थियों के लिए खरीदी गई इन किताबों में संतकथा और ऐतिहासिक व्यक्तित्व पर सामग्री है। इसके अलावा धार्मिक और पौराणिक पुस्तकें भी ली गई है।