सात आशंकित नक्सलवादियों को किया गया गिरफ्तार

 13 Jan 2018  580
 
* महाराष्ट्र एटीएस द्वारा की गई कार्रवाई 
 
 
मुंबई, (13 जनवरी 2018)- शुक्रवार को एटीएस ने महाराष्ट्र स्थित कल्यान से सात आशंकित नक्सलवादियों को गिरफ्तार किया। सारे नक्सली तेलगांना राज्य से संबंधित है। युएपीए के तहत उनपर गुनाह का मामला दर्ज करके न्यायालय द्वारा 16 जनवरी तक कारावास की सजा सुनाई गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, माओवादी नामक इस देश में इस बंदी की गई संघटना से संबंधित एक नक्सलवादी कल्याण स्टेशन आनेवाला है, इसकी जानकारी एटीएस को पहले ही मिली थी। जिसके तहत एटीएस पुलिस ने कल्यान से ही उस आशंकित नक्सली को गिरफ्तार कर लिया। जिससे पूछताछ करने पर पता चला कि कुछ और नक्सलवादी पहले ही मुंबई में आए चुके हैं। जिसके तहत एटीएस ने घाटकोपर स्थित रमाबाई आंबेड़कर नगर और विक्रोली स्थित कामराज नगर स्थित उनके घरों पर छापेमारी करके अन्य छह आशंकित लोगों को गिरफ्तार किया। 
 
एटीएस द्वारा पूछताछ में पता चला कि सारे आशंकित व्यक्ति सीपीआई (माओवादी) नामक संघटना में काम करते हैं। एटीएस द्वारा की गई कार्रवाई में राज्य गुप्तचर विभाग ने भी सहभाग लिया था। एटीएस द्वारा की गई छापेमारी में माओवादी संघटना से संबंधित आशंकित व्यक्तियों के घर से अनेक संशयित कागजात बरामद किए गए है। इस कारण एटीएस ने कालाचौकी पुलिस चौकी में गैरकानूनी कार्रवाई प्रतिबंध (यूएपीए) कानून 1967 के तहत सारे आशंकित लोगों पर पर गुनाह का मामला दर्ज कर लिया है। गौरतलब है कि 30 साल से 52 साल के सारे आरोपी नलगोंडा, करीमनगर (तेलंगाना) के मूल निवासी हैं। लेकिन फिलहाल मुंबई को उन्होंने अपना निवास स्थान बना रखा था।
 
बता दें कि माओवादियों ने पहले महाराष्ट्र और गुजरात की सीमा पर मौजूद औद्योगिक बार्डर को प्रचार-प्रसार के लिए चुना था। उस औद्योगिक बार्डर को वह गोल्डन कारिडोर के नाम से बुलाते है। शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए सारे आशंकित लोगों पर इस बार्डर की हलचलों की देखरेख एवं कामकाज करने की जिम्मेदारी थी। साथ ही यह नक्सलवादी जंगल विभाग स्थित एलडब्ल्यूई समिति के संपर्क में भी थे। यह खुलासा जांच के दौरान हुआ है। साथ ही एटीएस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भीमा कोरगांव मामले में मुंबई में 2 और 3 जनवरी के हिंसा में इन आशंकित व्यक्तियों के हाथ होने की आशंका एटीएस को हैं, जिसके मद्देनजर मामले की जांच की जा रही हैं।