मुुंबई. प्रदेश में इस वर्ष अब तक औसतन 55.2 फीसदी बारिश हुई है। वहीं जलभंडार की बात करें तो अब तक राज्य के जलाशयों में उनकी क्षमता का महज 49 फीसदी ही पानी जमा हो सका है। लेकिन मराठवाड़ा की अलग से बात करें तो यहां के जलाशयों में महज 8 फीसदी ही पानी जमा हो सका है। बारिश के मामले में राज्य के छह जिले- अकोला, अमरावती, नागपुर, भंडारा, वर्धा व गांेदिया अपवाद हैं।
यहां के जलाशयों में 76 से 100 फीसदी बारिश दर्ज की गई है। सोमवार को सीएमओ की ओर से इन आंकड़ों से संबंधित आधिकारिक घोषणा की गई है। सीएमओ की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक राज्य के 18 जिलों में औसतन 51 से 75 फीसदी के बीच बारिश दर्ज की गई है। इनमें कोंकण, पश्चिम महाराष्ट्र, उत्तर महाराष्ट्र, विदर्भ तथा मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों के जिले शामिल हैं। चार सितंबर तक राज्य मंे 97 फीसदी कृषि भूभाग पर बुवाई हो चुकी है।
10 जिलों में 50% से कम बारिश
राज्य के दस जिलों में 30 फीसदी से कम बारिश हुई है। इनमें नाशिक, अहमदनगर, सोलापुर, कोल्हापुर, बीड़, लातूर, उस्मानाबाद, नांदेड़, परभणी व यवतमाल का समावेश हैं। विदर्भ में यवतमाल जिले में ही 50 फीसदी से कम बारिश दर्ज की गई है।
इसलिए भी गंभीर है स्थिति
राज्य के 1638 गांवों व 3082 वाड़ी को 2310 टैकरों के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है। जबकि पिछले वर्ष 48 टैंकरों का ही सहारा लिया जा रहा था।