महाराष्ट्र सरकार ने आज पेश किया, 20,292 करोड़ के राजस्व घाटे का अतरिक्त बजट
18 Jun 2019
673
मुंबई, (18 जून 2019)- महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार की ओर से वित्त मंत्री सुधीर मुंगटीवार ने मंगलवार को 20,292.94 करोड़ के राजस्व घाटे का अतिरिक्त बजट पेश किया। अर्थमंत्री के मुताबिक, इस बार सरकार को कुल 3,14,640 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई है, वहीं इस बार का राजस्व खर्च 3,34,933 करोड़ रुपए है। यह बजट दिसंबर तक लागू होगा। इस बजट में सूखे से निपटने की कार्य योजना बनाए जाने की बात कही गई है, साथ ही किसानों के लिए कर्ज माफी योजना जारी रहने का ऐलान किया गया है। पेयजल के लिए नई विशेष योजना शुरू किए जाने का ऐलान किया गया है। किसानों के बच्चों की फीस माफ कर दी जाएगी। किसानो की बिजली खंडित नहीं होगी। जलसंपदा विभाग के लिए 12 हजार 595 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। सरकार ने गोपीनाथ मुंडे शेतकरी बीमा योजना का दायरा बढ़ा दिया है। इसका फायदा पूरे किसान परिवार को मिलेगा। बजट में सायन-पनवेल मार्ग पर खाडी पुल के लिए 775 करोड़ रखे गए है। सरकार ने राज्य से नक्सल गतिविधियों को खत्म करने के लिए 500 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। पीएम सिंचाई योजनाओं के लिए 2720 करोड़ आवंटित हुए हैं। वहीं किसान सम्मान योजना के लिए 241021 करोड़ आवंटित किए गए हैं। 3 लाख करोड़ की सड़क निर्माण को मंजूरी, 80 तालुकाओं में मोबाइल पशु चिकित्सालय बनेगा। इसके अलावा अंतरिम बजट में दूध उत्पादक किसानों को प्रति लीटर पाच रुपये अनुदान दिए जाने का ऐलान किया गया है, जिसके लिए 474 करोड़ रुपये खर्च किए गए। मुख्यमंत्री 10 लघु उद्योग तैयार किया जाएगा, जिससे 10 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। तालुका स्तर पर उद्योग शुरू करने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही तालुका स्तर पर उद्योग पार्क शुरू किए जाने की भी तैयारी की गई है। पिछले साढे चार वर्ष में 3 लाख 87 हजार हेक्टर अतिरिक्त सिंचन क्षमता और 1 हजार 905 मीट्रिक घनमीटर (67 टीएमसी) जल भंडार विकसित होगा। प्रधानमंत्री कृषी सिंचाई योजना के लिए 2720 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राज्य की 26 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं का प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में समावेश, इनकी कीमत 22 हजार 398 करोड़ 3 हजार 138 करोड़ केंद्र से मिलेंगे। सार्वजनिक निर्माण कार्य विभागा के लिए 16525 करोड़ रखी गई है। सूखे के लिये 6 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है। गोसीखुर्द 2021 तक पूर्ण करने का टार्गेट है। 18659 गांवों में जलयुक्त के काम पूर्ण, 8946 खर्च हुआ। जलसंपदा मंत्रालय के लिए 12597 करोड़ प्रस्तावित सूक्ष्म सिंचन अनुदान के लिए 350 करोड़ रखी गई है। केंद्र से मिलने वाले 4563 करोड में से 49 करोड़ मिल चुके हैं। 4461 करोड़ अनुदान किसानों के खाते में जमा हुआ है। अतिरिक्त चारा उतपादन पर जोर भेड़-बकरियों के लिए चारा छावनी बनाने का निर्णय लिया गया है। साढे चार साल में 140 सिंचन परियोजनाएं पूर्ण होगी।पानी की कमी सूखाग्रस्त किसानों को विभिन्न योजनओ के जरिये मदद और राहत पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। किसान जल संजीवनी योजना के लिए 2019-20 के बजट में 1,531 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने फरवरी 2019 में अंतरिम बजट पेश किया था. उस समय सरकार ने 19,784.39 करोड़ रुपये के राजस्व और 60,234.52 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का अंतरिम बजट पेश किया था. बजट में राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों की योजनाओं पर कुल 99 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान वार्षिक योजना में किया था।
*धनंजय मुंडे का आरोप, सदन में पेश होने से पहले ट्विटर पर लीक हुआ बजट*
महाराष्ट्र सरकार के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के ट्विटर हैंडल पर बजट की जानकारियां लीक हो गईं हैं। ये दावा आज महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने किया। महाराष्ट्र विधान परिषद में मुंडे और विपक्ष के कुछ अन्य सदस्यों ने परिषद में यह मामला उठाया और सदन में महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री दीपक केसरकर द्वारा बजट पेश किए जाने के दौरान बाधा उत्पन्न की। गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानमंडल में विधानसभा और विधानपरिषद हैं, इसलिए राज्य का बजट निचले सदन में कैबिनेट मंत्री और ऊपरी सदन में एक कनिष्ठ मंत्री एक साथ पेश करते हैं। बता दें कि केसरकर ने जब ऊपरी सदन में बजट पेश करने की कोशिश की तो मुंडे ने अपना मोबाइल फोन उठा कर दिखाया और उससे बजट की कुछ जानकारियां पढ़ी, उन्होंने दावा किया कि ये जानकारियां मुनगंटीवार के ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट की गई थीं। इस मामले पर हंगामे के बाद विधान परिषद के सभापति रामराजे नाइक निम्बालकर ने 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. सदन के दोबारा कार्यवाही आरंभ करने पर बीजेपी सदस्य और प्रदेश के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि वह निम्बालकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगे। मुंडे ने कहा कि यह सदन का अपमान है। इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, वित्त मंत्री और सदन के नेता को माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है, जब सदन में पूरा बजट पेश ही नहीं हुआ है,और बाहर लीक किया जा रहा है। यह गंभीर मामला है। इस बीच विपक्ष के अन्य सदस्य भी खड़े गए और मुंडे का समर्थन करने लगे। विधानसभा में भी विपक्ष के विधायकों ने बजट लीक किए जाने का आरोप लगाया। एनसीपी विधायक दल के नेता अजीत पवार ने पत्रकारों को बताया कि सरकार मनमानी कर रही है। बजट की जानकारी लीक करके सदन का अपमान किया गया है। विपक्ष को दबाने की कोशिश की जा रही है। इस पर मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को माफी मांगनी चाहिए। बजट पेश होने के बाद शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने कहा कि बजट लीक नहीं हुआ है। आधुनिक तकनीक बहुत आगे चली गई है। विधानसभा में वित्त मंत्री मुनगंटीवार ने दो बजे से बजट पेश करने की शुरूआत की। पहला ट्वीट 2 बजकर 16 मिनट पर भेजा गया। इसके बाद 16-16 मिनट पर ट्वीट किए गए। संसद में केंद्रीय बजट पेश होते हुए 4 मिनट में ट्वीट भेजे गए थे। संसद में पीएम मोदी के भाषण के अंश ट्वीट किए जाते हैं। वित्त मंत्री के बजट भाषण से पहले एक भी ट्वीट नहीं किया गया। पहला ट्वीट दोपहर 2:16 मिनट पर किया गया। यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बजट लिक नहीं हुआ है। प्रतिपक्ष के नेताओं को डिजिटल न्यू मीडिया को स्वीकार करना चाहिए तथा समय के साथ आधुनिक होना चाहिए। वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार विधानसभा में बजट पेश कर रहे थे,उस समय वित्त मंत्री के बजट भाषण से पहले एक भी ट्वीट नहीं किया गया। पहला ट्वीट दोपहर 2:16 मिनट पर किया गया।
*महाराष्ट्र सरकार का बजट महज चुनावी बजट - अबू आसिम आजमी*
समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आसिम आजमी ने राज्य के अंतरिम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में इसे चुनावी बजट करार दिया और कहा कि बजट से किसान और अल्पसंख्यक समाज को निराशा हुई है ।आजमी ने कहा कि बजट महज चुनावी बजट है क्योंकि बजट में जो प्रावधान किया गया है उसे लागू करना मुश्किल है क्योंकि जल्द ही राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगा। कांग्रेस पार्टी के नेता नसीम खान ने कहा कि यह बजट सिर्फ एक दिखावा है।