दो हजार से अधिक मतदान केंद्र 2 हजार से अधिक मतदान केंद्र बढाए
02 Apr 2019
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►राज्य में अब कुल 97 हजार से अधिक केंद्र
मुंबई, (02 अप्रैल 2019)- आगामी लोकसभा चुनाव के लिए राज्य में नए से दो हजार से अधिक मतदान चुनाव केंद्र बढ़ाए गए हैं. इससे अब महाराष्ट्र में 97 हजार 640 मतदान केंद्र होंगे। विशेष बात यह कि, नाशिक में 274 मतदान केंद्र बढ़ाए हैं, पुणे में 237 और ठाणे में 227 मतदान केंद्र बढ़ाए गए हैं. लेकिन सिंधुदुर्ग में एक भी मतदान केंद्र नहीं बढ़ाया है। अमूमन 1 हजार 400 मतदाताओं के पीछे 1 मतदान केंद्र ऐसा प्रमाण हैं. पिछले कुछ दिनों में मतदाताओं को नाम पंजीयन की अवधि बढ़ाई गई थी. इसमें मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई हैं, इसलिए मतदान केंद्र भी बढ़ाएं गए हैं. इस बार के लोकसभा चुनाव के लिए पहले 95 हजार 473 मतदान केंद्र स्थापन करने का नियोजन था। अब मतदाताओं की संख्या बढ़ने की वजह से नए 2 हजार 167 मतदान केंद्र राज्यभर में बढ़ाए गए हैं. अब राज्य में कुल 97 हजार 640 मतदान केंद्र रहेंगे। 2004 में हुए लोकसभा चुनाव के लिए कुल 64 हजार 508 मतदान केंद्र थें. 2009 के चुनाव के लिए कुल 83 हजार 986 मतदान केंद्र स्थापन किए गए थे. 2014 के चुनाव के लिए 91 हजार 329 मतदान केंद्र स्थापन किए गए थे. इस बार के चुनाव के लिए 97 हजार 640 मतदान केंद्र स्थापन किए जा रहे हैं। मतदान केंद्र स्थापन करने के निकष, मतदान केंद्र की रचना, मतदान केंद्र तय करते समय न्यूनतम और अधिकतम मतदार तय करना, मतदान केंद्र की सूची की प्रसिध्दी, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की निश्चिती, मतदान केंद्र की सुविधाओं के संदर्भ में निर्णय भारतीय चुनाव आयोग के मार्फत लिया जाता है. मतदान केंद्र की 'संवेदनशीलता' को देखकर वहां पर आवश्यक सुरक्षा प्रदान की जाती है। केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा जारी किए मार्गदर्शक तत्वों के अनुसार प्रत्येक मतदान केंद्रपर कम से कम 15 प्रकार की बुनियादी सुविधाएं होना बंधनकारक हैं. दुर्गम क्षेत्रों में मतदान केंद्रपर विशेष ध्यान दिया जाएगा।