तृतीयपंथी मतदाताओं संख्या में दोगुनी वृद्धि
19 Mar 2019
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►तृतीयपंथी कार्यकर्ता गौरी सावंत बनी चुनाव की सदिच्छा दूत
मुंबई, (19 मार्च 2019)- लोकसभा चुनाव में मतदाताओं ने अधिकाधिक मतदान करना चाहिए, इसके लिए भारत चुनाव आयोग ने राज्य के मान्यवरों से मदद ली है। इन मान्यवरों में तृतीयपंथी गौरी सावंत की भी चुनाव सदिच्छा दूत (ॲम्बेसेंडर) के रूप में नियुक्ति की गई है। आयोग ने प्रथमत: ही तृतीयपंथी वर्ग के व्यक्ति की चुनाव सदिच्छा दूत के रूप में नियुक्ति की है। वर्ष 2004, वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में तृतीयपंथी यह वर्ग दर्ज नहीं था। सन 2014 के चुनाव के दौरान प्रथमत: ही पुरुष मतदाता, महिला मतदाता के साथ-साथ तृतीयपंथी ऐसी तीसरा वर्गक्रम किया गया था। वर्ष 2014 में इन तीसरे वर्गक्रम में 918 मतदाताओं का पंजीकरण किया गया है। पाँच साल के बाद इस संख्या में दोगुनी वृद्धि हुई है और अब यह संख्या 2,086 इतनी हुई है। भिवंडी, कल्याण, मुंबई उत्तर और मुंबई पूर्व इन चार चुनाव क्षेत्र में अनुक्रमे 113, 184, 324 और 123 तृतीयपंथ की संख्या दर्ज हुई है। मुंबई उत्तर इस चुनाव क्षेत्र से 324 सर्वाधिक तृतीयपंथी की संख्या दर्ज हुई है। गौरी सावंत की नियुक्ति के कारण अधिकाधिक तृतीयपंथी का अंतिम चरण में नाम पंजीकरण करने में मदद होगी। आगामी कुछ दिनों में गौरी सावंत तृतीयपंथी के घर जाकर मतदान की आवश्यकता, मतदान का अधिकार इस पर उन्हें बताएगी। महाराष्ट्र में रहनेवाले नए मतदाता के साथ-साथ अधिकाधिक मतदाताओं ने लोकसभा चुनाव में मतदान करना चाहिए, इसके लिए चुनाव आयोग की ओर से नामवंत खिलाड़ी, फिल्म कलाकार, साहित्यिक आदि अलग-अलग क्षेत्र के मान्यवरों की चुनाव सदिच्छा दूत के रूप में नियुक्त की गई है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद वर्ष 2014 में प्रथमत: तृतीयपंथी मतदाताओं को मतदान का अधिकार मिला और तभी से ही तृतीयपंथी ऐसे स्वतंत्र वर्गक्रम इस समूह को दर्ज किया जाने लगा। निदर्शन में आया की, वर्ष 2019 में किए गए पंजीकरण के तृतीयपंथी वर्गक्रम में मतदाताओं की संख्या में दोगुनी वृद्धि है। इससे इस बात का पता चलता है की, वर्तमान में तृतीयपंथी भी अपने मतदान के अधिकर के प्रति सजग है और मतदान के लिए नाम पंजीकरण करने के लिए आगे आ रहे है।