►कृषि, किसान, आवास और विकास पर फोकस
►बजट में पूरानी योजनाओं को पूरा करने पर जोर
►नई योजनाओं की कोई घोषणा नहीं
मुंबई, (27 फरवरी 2019)- महाराष्ट्र का साल 2019-20 का अंतरिम अर्थसंकल्पीय बजट आज विधिमंडल के दोनों ही सभागृहों में पेश हुआ। वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने विधानसभा में तो वहीं वित्त राज्यमंत्री दीपक केसरकर ने विधानपरिषद में बजट पेश किया। अंतरिम बजट में महिलाओं, किसानों, महाराष्ट्र की मूलभूत सुविधाओं और रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया हैं। मुंबई की उपनगरीय यातायात सेवा सुधारने की तैयारी की गई है। मुंबई मेट्रो का जाल 276 किमी तक बढाया जाएगा। मुंबई की उपनगरीय लोकल रेल्वे यातायात व्यवस्था में सुधार होने पर राज्य को भी इसका फायदा मिलेगा। परिवहन योजना तीसरे चरण के तहत मुंबई रेल्वे विकास कार्पोरेशन की तरफ से 55 हजार करोड़ का काम किया जाएगा। महाराष्ट्र में ज्यादा से ज्यादा ऊर्जा निर्मिती पर ध्यान दिया जाएगा। बिजली निर्माण क्षेत्र में महाराष्ट्र को स्वंयबल करने के लिए बिजलीनिर्मिती और वितरण प्रणाली की योजना लागू की जाएगी। महाराष्ट्र की निर्मिती के बाद से 53 वर्षों की तुलना में पिछले साड़ेचार सालों में 13000 किमी लंबाई के राष्ट्रीय महामार्ग पर जोर दिया गया। नागपूर-मुंबई समृध्दी महामार्ग, सिवडी-न्हावा सेवा बंदर प्रगति प्रथपर है। सामाजिक न्याय के माध्यम से विषमता मुक्त महाराष्ट्र की निर्मिती होगी। मेक इन महाराष्ट्र, मैग्नेटिक महाराष्ट्र, मेक इन इंडिया के माध्यम से महाराष्ट्र में 3 लाख 36 हजार करोड़ की सीधे तौर पर विदेशी राशि जमा हुई है। पुलिस के लिए राज्य में एक लाख निवासस्थान बांधने की तैयारी है,जिसके लिए 375 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में 385 शहर में नागरिकों के लिए 6 हजार 895 करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही स्मार्ट सिटी अभियान के तहत पुणे, सोलापुर, कल्याण-डोंबिवली, नागपूर, नाशिक, ठाणे, औरंगाबाद, पिंपरी-चिंचवड जैसे आठ शहरों के लिए बजट में 2 हजार 400 करोड़ की राशि रखी गई है। राज्य में स्वच्छता अभियान के तहत 254 शहरों में 2 हजार 703 करोड़ रूपये का घनकचरा व्यवस्थापन योजना प्रगति पथ पर है, तो वहीं शहर में कचरे की बढ़ती समस्या को खत्म करने के लिए विशेष प्रयत्न किया जा रहा है, जिसके तहत नागरिक भाग के घनकचरा व्यवस्थापन के लिए 2456 करोड़ रूपये की योजना को मान्यता दी गई है। अमरावती, गोंदिया, नाशिक चंद्रपूर, जलगांव, नांदेड, सोलापूर, कोल्हापूर, रत्नागिरी, सिंधूदुर्ग में विमानतल विकास मुहिम तेजी से शुरू है, जबकि अहमदनगर-बीड-परली, वर्धा-यवतमाल-नांदेड, वडसा-देसाईगंज, इंदौर-मनमाड में रेल्वे का काम प्रगति पथ पर है। इसके साथ ही नागपूर व पुणे मेट्रो योजनाओं का भी काम तेजी से पूरा करने के लिए निधी की उपलब्धतता करके दी गई है, जिसके कारण यह योजना जल्दी ही पूरी होगी। किसान और युवकों की समस्या को समाप्त करने की प्राथमिकता, खेती व्यवसाय को प्राथमिकता देने के लिए तालाबों और सिंचाई कुओं पर जोर देगी। मेक इन महाराष्ट्र, मैग्नेटिक महाराष्ट्र और मेक इन इंडिया के माध्यम से 12 लाख कोटी रूपये का सामंजस्य करार, कम वर्षा के कारण बाधित 151 सूखाग्रस्त गांवों, 268 महसूल मंडलों एवं 5449 अकाल परिस्थिती के गांवों को मदद पहुंचाई जाएगी। कृषिपंपों को बिजली कनेक्सन देने के लिए 900 करोड़ रूपये का प्रस्ताव रखा गया है। राज्य में दूध, कांदा, तूर, हरभरा, धान के उत्पादकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अनुदान मिलेगा। सातवां वेतन लागू किया जाएगा, जिसका लाभ सेवा से निवृत्त हुए लोगों को भी मिलेगा। विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले साल की तुलना में राज्य का सकल कर्ज में कमी आई है। सरकार ने इस पर नियंत्रण रखते हुए सकल कर्ज की रकम को 4 लाख 14 हजार 411 करोड़ रुपये पर सीमित करने में सफलता पाई है। इसके अलावा सरकार ने इस अंतरिम बजट में कृषि क्षेत्र पर फोकस किया है। महिला व बाल विकास योजना के लिए भी सरकार ने 2921 करोड़, आदिवासी विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 8431 करोड़ रुपये, अल्पसंख्यक विभाग की विभिन्न योजनाओं के लिए 465 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। राज्य सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के लिए भी 572 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने सामाजिक विकास कार्यक्रम के तहत 9208 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस निधि का उपयोग अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत स्कूल, स्वास्थ्य सेवा, रमाई घरकुल योजना, वस्तीगृह, निवासी स्कूल के लिए किया जाएगा। इसके अलावा अंतरिम बजट में प्रधानमंत्री जन स्वास्थ्य योजना एवं महात्मा फुले जनआरोग्य योजना के लिए 1,021 करोड़, राष्ट्रीय आरोग्य अभियान के लिए 2,098 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में कुल चार और स्थानों पर जल यातायात को बढ़ावा देने के लिए जेटी निर्माण की मंशा व्यक्त की है। वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने रेडियो क्लब, नरिमन प्वाइंट, मोरा और एलिफेंट में जेट्टी निर्माण करने की योजना प्रस्तावित होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चार नये जेटी निर्माण के लिए सागरमाला योजना के तहत 26 करोड़ रुपये का प्रावधान अंतरिम बजट में किया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र में जल यातायात को बढ़ावा देने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। वसई, भाईंदर, खारवाडेश्वरी, मनोरी, घोड़बंदर, नारंगी, मालवण, बोरीवली, गोराई और आंबडवे में रो-रो जेट्टी निर्माण का कार्य प्रगतिपथ पर है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 2,164 करोड़ रुपये का प्रावधान अंतरिम बजट में किया है। सूबे में कुल 30 हजार किमी सड़कों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से 22,360 किमी. लंबी सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई। जिसमें से 6,344 किमी तक सड़कों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके साथ ही राज्य परिवहन महामंडल के डिपो के आधुनिकीकरण और नयी बसों की खरिदी के लिए अंतरिम बजट में 101 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नयी बसों को खरिदने के लिए 90 करोड़ रुपये की निधि उपलब्ध कराई गई है।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बुधवार को महाराष्ट्र राज्य का चार महीने का अंतरिम बजट पेश किया। महाराष्ट्र सरकार ने आगामी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले राज्य का पांचवा आर्थिक अंतरिम बजट पेश कर दिया, अब आगामी जून महीने में होनेवाले अधिवेशन में फिर से बजट पेश किया जाएगा, जिसमें महिला, किसान, आवास और रोजगार जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। गौरतलब है कि वित्त मंत्री मुनगंटीवार द्वारा पेश किए हुए इस बजट का जहां सत्तापक्ष ने समर्थन किया वहीं विपक्ष ने झूठा आश्वासन बताया। विपक्ष नेता राधा कृष्ण विखे पाटील ने कहा कि यह अंतरिम बजट सूखे की मार झेलने वाले किसानों के लिए निराशाजनक है। सूखे की मार झेलने वाले किसानों को राहत देने के लिए 50-50 हजार रूपये के मुआवजे की मांग होने के बावजूद सरकार ने इस बजट इसका कोई प्रावधान नहीं किया है। यह सरकार को लोगों को झूठे आश्वासन देकर बहकाने का काम कर रही हैं।