भगवा भाइयों के बीच चुनाव संबंधी समझौता पहले से ही था तय- शरद पवार
19 Feb 2019
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बता दें कि अपने तनावपूर्ण संबंधों से पार पाते हुए बीजेपी और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने लोकसभा एवं महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ने की सोमवार को घोषणा की। एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि ‘मिलकर चुनाव लड़ने की उनकी घोषणा में कुछ नया नहीं है। 25 से अधिक वर्षों से गठबंधन साझीदार भाजपा एवं शिवसेना के मिलकर चुनाव लड़ने की ही उम्मीद थी। केंद्र और महाराष्ट्र में 2014 में राजग के सत्ता में आने के बाद से दोनों सत्तारूढ़ सहयोगियों के बीच लगातार तकरार होती रही हैं, वे पिछले कुछ वर्षों में (एक दूसरे के खिलाफ) खुलकर बोलते रहे हैं, लेकिन उनके मिलकर चुनाव लड़ने की ही संभावना थी। हालांकि एनसीपी और कांग्रेस के बीच चुनाव से पहले आपसी समझ की स्थिति के बारे में पवार ने कहा कि उन्हें अभी ‘एक या दो सीटों’ पर सर्वसम्मति बनानी हैं। एनसीपी और कांग्रेस बुधवार को नांदेड़ में पहली संयुक्त रैली करेंगी जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे और दोनों दलों के वरिष्ठ नेता भाग लेंगे। दोनों दलों की एक अन्य संयुक्त रैली 23 फरवरी को मराठवाड़ा के बीड़ में होगी। कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि दोनों दलों के बीच औरंगाबाद एवं अहमदनगर लोकसभा सीटों को लेकर सहमति अभी नहीं बनी है। ‘कांग्रेस अहमदनगर सीट से उम्मीदवार खड़ा करना चाहती है, लेकिन एनसीपी इस पर राजी नहीं हो रही है क्योंकि उसे लगता है कि इस क्षेत्र में (कांग्रेस की तुलना में) उसका अधिक प्रभाव है। गौरतलब है कि साल 2014 में कांग्रेस ने औरंगाबाद और एनसीपी ने अहमदनगर से उम्मीदवार खड़े किए थे।