कौमार्य परीक्षण पर होगी कड़ी करवाई

 06 Feb 2019  567

राज्य सरकार ने उठाए कड़े कदम 

मुंबई, (06 फरवरी 2019)-  कौमार्य परीक्षण को यौन उत्पीड़न माना जाएगा और इस संबंध में अपराध दर्ज किया जाएगा। जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी। और राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों को इस बारे में सूचित किया जाएगा। ऐसा निर्णय गृह विभाग लेने जा रहा है। ऐसी जानकारी गृह राज्य मंत्री रंजीत पाटिल ने दी।   

गृह मंत्री, रणजीत पाटिल की अध्यक्षता में, शिवसेना नेता नीलम गोरे द्वारा जाति पंचायत समिति के सदस्यों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए बैठक का आयोजन किया गया था। उन्होंने अपमानजनक व्यवहार करने वाले जनजातियों के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। अब हर 2 महीने में, राज्य के सभी जिलों में महिलाओं के मामलों की समीक्षा करने के बाद, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अनुवर्ती की जाएगी। 

कंजारभाट समुदाय में आज भी महिलाओं के कौमार्य परीक्षण जैसी रूढ़ि परंपरा चल रही है। ऐसा पिछले दिनों सामने आया था। सरकार ने अब इस पर कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है। कौमार्य परीक्षण को यौन उत्पीड़न माना जाएगा और इस संबंध में अपराध दर्ज किया जाएगा। ऐसा निर्णय गृह विभाग ने लिया है। 

इस तरह की अवांछनीय घटनाओ के रोकथाम के लिए  अब अकड़े कदम उठाये जाएंगे। और इसलिए गृह मंत्री रंजीत पाटिल ने अधिकारियों को तुरंत निर्देशों का पालन करने का आदेश दिया है।