साल 2027-28 तक बीएमसी स्कूलों में नहीं पढ़ेगा एक भी छात्र- प्रजा फाऊंडेशन

 16 Jan 2019  510

►पिछले साल की तुलना में इस साल छात्रों के एडमिशन में आई है 23 प्रतिशत की गिरावट

►प्रजा फाऊंडेशन ने बुधवार को जारी अपनी रिपोर्ट में किया दावा

मुंबई, (16 जनवरी 2019)- साल 2027-28 तक बीएमसी स्कूलों में पढ़ने के लिए कोई छात्र नहीं आएगा। साल 2013-14 में बीएमसी स्कूलों में कुल छात्रों की संख्या 4,04,251 थी, जबकि साल 2017-18 में यह संख्या घटकर 3,11,663 हो गई है। एसा दावा बुधवार को प्रजा फाऊंडेशन ने अपनी रिपोर्ट में किया है। बुधवार को प्रजा फाऊंडेशन ने प्रेस वार्ता में बीएमसी स्कूलों की खस्ताहाल स्थिति बयान करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा बीएमसी स्कूलों की स्थिति में सुधार नहीं किया जा रहा है, जिसका खामियाजा आनेवाले सालों में भुगतना पड़ सकता हैं। प्रजा फाऊंडेशन के संस्थापक एवं ट्रस्टी निताई मेहता ने कहा कि शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाते हुए बच्चों को निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत (RTE) को साल 2009 में लागू किया गया, जिसका उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर एवं वंचित समुदाय के लोगों को लाभान्वित करना था, लेकिन मुंबई महानगरपालिका के ही शिक्षा विभाग ने शिक्षा को बेसहारा छोड़ दिया है, जिसका खामियाजा कमजोर और वंचित समाज के लोग भुगत रहे हैं। हालांकि आरटीई अधिनियम के तहत शाला व्यवस्थापन समितियों का गठन किया गया, जो बड़े स्तर पर सुधार और अर्थसंकल्प के विषय पर सुझाव में मददगार है। अगर विद्यालय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को वास्तविकता में परिवर्तन करना है, तो एसएमसी के बारे में जागरूकता, प्रशिक्षण और जिम्मेदारियों को मजबूत करने की आवश्यकता है, तथा निर्वाचित प्रतिनिधियों और प्रशासन की सक्रिय भागीदारी निश्चित करनी होगी। जब तक समय पर रिर्पोटिंग, रखरखाव एवं शिक्षण परिणामों की निगरानी पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा, तब तक बीएमसी स्कूलों की शिक्षा की स्थिति में सुधार नहीं होगा। हालांकि प्रजा ने बीएमसी प्रशासन से शिक्षण परिणामों की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र तीसरे पक्ष के आडिटर की नियुक्ति करने का सुझाव दिया है, जो कि शिक्षा विभाग को वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के साथ-साथ बेहतर गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने और कामकाज को बेहतर बनाने के बारे में सुझाव देंगे, लेकिन अगर बीएमसी प्रशासन द्वारा स्थिति को नजरअंदाज किया जाता है, तो आनेवाले दस सालों में बीएमसी सकूल में कोई छात्र पढ़ने के लिए नहीं होंगे।