मराठा आरक्षण आंदोलन, भिमा कोरेगाव घटना : गुनाहों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू

 30 Nov 2018  553

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की विधानसभा में घोषणा 

मुंबई, (30 नवंबर 2018)- मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए 534 गुनाहों में से 46 गंभीर गुनाहों को छोड़कर बाकी सभी अन्य गुनाहों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू है। साथ ही भिमा- कोरेगाव घटना के संदर्भ में दर्ज 655 गुनाहों में से 63 गंभीर गुनाहों को छोड़कर अन्य गुनाहों को वापसी लेने की प्रक्रिया शुरू है, यह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन्होंने आज विधानसभा में बताया।

मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान राज्य में हुए आत्महत्याओं के संदर्भ में सभागार को जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इन्होंने कहा कि, भावनाओं के आवेश में अपनी मांगों को लेकर आज की युवा पीढ़ी आत्महत्या जैसे अंतिम कदम का गलत निर्णय ले रहे हैं यह इस आंदोलन में दिखाई दिया। आत्महत्या करने पर ही मांगे पूरी होती है और सरकार भी उनके साथ ही रहती है यह संकेत निश्चित रूप से उचित नहीं है। लेकिन इस आंदोलन के दौरान आत्महत्या किए हुए लोगों के परिजनों को मदद देना बेहद जरूरी है और यह दी भी जाएगी।

मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन के दौरान राज्य में 543 गुनाह दर्ज हुए थे। उनमें से 66 गुनाहों को रद्द करने की प्रक्रिया (ए-फायनल) अंतिम पड़ाव पर है। चार्जशीट दर्ज किए गए 117 गुनाहों के संदर्भ में रद्द करने हेतु (ए-फायनल) आदालत में शिफारशी को भेजा गया है। जांच शुरू है ऐसे 314 घटनाओं के चार्जशीट दाखिल करके यह वापसी लेने के लिए प्रयास जारी है और यह भी 'ए-फायनल' हो जाएंगे। किंतु 46 घटनाओं में पुलिसकर्मियों पर हमला आदि के संदर्भ में सीसीटीवी का चित्रण कई सशक्त सबूत उपलब्ध होने से इस गुनाहों को वापसी नहीं लिया जा सकता, यह भी उन्होंने कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, भिमा - कोरेगाव घटना के बाद प्राप्त प्रतिक्रियाओं के संदर्भ में 655 गुनाह दर्ज हुए। उनमें से 159 गुनाहों को रद्द किया गया है। 275 गुनाह में चार्जशीट दाखिल किए गए थे, इस 275 गुनाहों को रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं। 158 घटनाओं की जांच शुरू है उसमें भी चार्जशीट दाखिल करके रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।  63 गुनाहों में पुलिसकर्मियों पर हमला और अन्य संदर्भ में सशक्त सबूत उपलब्ध होने से यह वापसी नहीं लिए जा सकते।

किसान आत्महत्या बाधित परिवारों को पुनर्वास के लिए जरूरी सभी उपाय और योजनाओं को राज्य सरकार साकार कर रही है। ऐसे परिवारों को सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिले इसलिए संनियंत्रण की व्यवस्था निर्माण की गई है।

धनगर आरक्षण को लेकर राज्य सरकार सही दिशा में कार्रवाई कर रही है। आदिवासी समाज के आरक्षण को अबाधित रखते हुए उसे कोई धक्का न लगाकर धनगर समाज को आरक्षण देने के दृष्टि से शिफारसी केंद्र सरकार की ओर की जाएगी। किए गए कार्रवाई का कृति रिपोर्ट आनेवाले अधिवेशन में प्रस्तुत किया जाएगा।

धर्म पर आधारित आरक्षण देने का प्रावधान नहीं है, यह बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, मुस्लीम धर्म में प्रवेश किए गए लोगों ने अपनी जाति को छोडा नहीं। ऐसे मुस्लिम धर्म के अंतर्गत मागास जातियों के आरक्षण की मांग आने पर उसके संदर्भ में राज्य पिछड़ावर्ग आयोग को अध्ययन करने के लिए सूचित किया जाएगा और आयोग के रिपोर्ट के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी, यह भी मुख्यमंत्री इन्होंने बताया।