राजकीय एवं सामाजिक मामले वापिस लेने संबंधित कार्यवाही शुरू- दिपक केसरकर
26 Nov 2018
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मुंबई, (26 नवंबर २०१८)- राजकीय एवं सामाजिक स्वरूप के मामले पीछे लेने संबंधित विनती के निवेदन सरकार की ओर बडे पैमाने पर प्राप्त हुए है. इसके अनुसार यह मामले वापिस लेने की कार्रवाई शुरू है, यह गृह (ग्रामीण) राज्यमंत्री दिपक केसरकर ने बताया.
इस संदर्भ में ध्यानाकर्षित सूचना सदस्य गोपीकिशन बाजोरीया ने प्रस्तुत की थी. इस सूचना के जवाब में केसरकर बोल रहे थे.
केसरकर ने कहा कि सरकार की ओर बडे पैमाने पर राजकीय एवं सामाजिक स्वरुप के मामले वापिस लेने संबंधित विनंती के निवेदन प्राप्त होते है. साथ ही इस विनंतियों की निवेदन पर लोकप्रतिनिधि तथा अन्य उच्चस्तर की ओर से सिफारिशें भी प्राप्त होती है. ऐसे में आयुक्तालय, जिलादंडाधिकारी की अध्यक्षता में समिति प्रशासन की ओर से रिर्पोट मांगी जाती है. लेकिन किसी समस्याओं के चलते रिपोर्ट समय पर प्राप्त नहीं होती तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से उपरोक्त मामले वापसि नहीं लेने संबंधित सिफारिश भी होती है. ऐेसे में सरकार की ओर से निश्चित निर्णय होना आवश्यक होने से दि. 30/8/2016 के शासन निर्णय के तहत फौजदारी प्रक्रिया संहिता के 1973 की धारा 321 के अनुसार राजकीय एवं सामाजिक आंदोलन के मामले वापिस लेने संबंधित निर्णय लेने के लिए मंत्री (वित्त व नियोजन, वने) की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल उपसमिति गठित की गई है.